बदायूं। थाना क्षेत्र के अंतर्गत तैनात डायल–112 पुलिस टीम की सतर्कता के चलते मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। 112 पर तैनात सुरक्षाकर्मी राज प्रताप सिंह और उनके साथी गंगाराम चौधरी ने गश्त के दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर जांच की तो मामला अवैध पक्षी शिकार का निकला।

जांच के दौरान तीनों के पास से 16 मृत पक्षी बरामद हुए, जिनमें—

  • नीलकंठ,
  • कौवे
  • बगुले,
  • साइबेरियन प्रवासी पक्षी,
  • तथा अन्य संरक्षित प्रजातियों के मृत पक्षी शामिल थे।

इसके अलावा पुलिस ने इनके पास से डोरी, सांचे, जाल जैसे शिकार उपकरण, और मृत पक्षियों को ले जाने के लिए उपयोग किए जा रहे थैले व झोले भी कब्जे में लिए।

मौके पर जमा हो गई भीड़

घटनास्थल पर पकड़े गए मृत पक्षियों की संख्या और उनकी प्रजातियों को देखकर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने 112 पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया।

वीकेंड शर्मा भी मौके पर पहुंचे

सूचना मिलते ही बदायूं के प्रसिद्ध पशुप्रेमी वीकेंड शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृत पक्षियों को देखकर गहरा रोष व्यक्त किया और फोन पर तुरंत वन विभाग को सूचना देकर मौके पर बुलाया।

पशुप्रेमी वीकेंद्र शर्मा ने कहा —
“इस प्रकार के अवैध शिकार पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है। ऐसे कृत्य करने वालों को सख्त सजा मिलनी ही चाहिए। 112 के दोनों जवानों ने बेहद सराहनीय काम किया है। यदि हर डायल–112 टीम इसी तरह जागरूकता व जिम्मेदारी दिखाए तो जिले में अपराधों में भारी कमी आएगी।”

तीनों आरोपी ग़ाज़ियाबाद के रहने वाले

पकड़े गए तीनों शिकारी ग़ाज़ियाबाद के निवासी हैं और बदायूं में फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करते हैं।कुछ स्थानीय लोगों ने उनका पक्ष लेते हुए कहा कि-“ये गरीब लोग हैं, यही इनका काम और खाने का साधन है।”लेकिन पुलिस व वन विभाग का स्पष्ट कहना है कि किसी भी स्थिति में संरक्षित पक्षियों का शिकार अपराध श्रेणी में आता है और इस पर कोई ढील नहीं दी जा सकती।

मुकदमा दर्ज, तीनों को जेल भेजा गया

वन विभाग की टीम के आते ही तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है

112 पर तैनात कर्मियों की सतर्कता की हो रही सराहना,

112 नंबर पर तैनात राज प्रताप सिंह और गंगाराम चौधरी की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि यदि सभी 112 टीमें इसी तरह मुस्तैदी और ईमानदारी से काम करें तो वन्यजीव शिकार, स्थानीय अपराध,तस्करी जैसे मामलों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।दोनों पुलिसकर्मी इस पूरी घटना के सच्चे नायक साबित हुए हैं।

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