
बिल्सी। रयोनई में विगत 28 अक्टूबर से 11 नवंबर तक निरंतर चल रहे 1008 कुंडीय दिव्य लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आज पूर्ण आहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठानों का दिव्य वातावरण छाया रहा।
महायज्ञ का आयोजन संजीव भइया, मुकेश (गुरुजी), महंत कोमल गिरी जी, कु० साधना शर्मा, श्री श्री 108 स्वामी हरिप्रपन्नाचार्य, श्री श्री 108 वीर राघवाचार्य और महंत शंकरदास जी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ।प्रबंधक अनिल कुमार गर्ग, प्रेम सिंह यादव, राजीव कुमार वार्ष्णेय एवं अध्यक्ष ज्ञानेंद्र (एडवोकेट) ने बताया कि महायज्ञ के साथ—
दीक्षा संस्कार,पूर्णाहुति,ब्रह्मभोज,के बाद भंडारा भी सम्पन्न हुआ।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोलोक धामवासी श्री श्री 1008 विभूषित श्रीमद् परमहंस श्री राघवेंद्र त्रिदंडी स्वामी जी की तपस्थली पर भूमि पूजन के बाद मंदिर निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद
समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं तथा स्थानीय निवासियों ने बड़ी श्रद्धा से प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में सेवा भावना का परिचय
कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक लोगों का योगदान रहा। इनमें प्रमुख रूप से-मनोज माहेश्वरी ‘सोनू’,विनोद कुमार गुप्ता, प्रेम सिंह यादव,भूपेंद्र सिंह,अनिल गर्ग, अजय, गिरिराज सहित किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग दिया।
पुलिस प्रशासन ने भी आयोजन को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित बनाने में पूर्ण योगदान दिया।
समापन अवसर पर मनोज माहेश्वरी, राहुल कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिव्य वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की आस्था ने इस महायज्ञ को ऐतिहासिक बना दिया।


























