“बिहार में सीमित चेहरे, यूपी में बड़े संकेत: सपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट ने खोली अंदरूनी खटपट”
दिल्ली।समाजवादी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी, लेकिन बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और मौजूदा सांसद आदित्य यादव का नाम इस सूची में नहीं है, जिसे लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े हो गए हैं।“सूची में पार्टी मुखिया अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और आजम खान को प्रमुखता मिली है, वहीं वरिष्ठ नेताओं शिवपाल सिंह यादव और रामगोपाल यादव का नाम न होना ‘पुराने बनाम नए’ शक्ति-संतुलन पर चर्चा तेज कर रहा है। सपा ने साफ किया है कि वह बिहार में महागठबंधन प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेगी और कास्ट-बैलेंसिंग के साथ 20 चेहरों को उतारा गया है, जबकि मतदान 6 और 11 नवंबर और मतगणना 14 नवंबर को होगी” वहीं सपा नेता इसे सूची निर्धारण का व्यावहारिक कारण बता रहे हैं, पर राजनीतिक संदेश के निहितार्थों ने राजधानी में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।


यह सूची जारी होने के बाद सपा के भीतर अनदेखी और भीतरघात की फुसफुसाहट तेज हुई है क्योंकि बदायूं से पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और मौजूदा सांसद आदित्य यादव दोनों का नाम स्टार प्रचारकों में नहीं है, जबकि पार्टी ने अखिलेश यादव, डिंपल यादव और आजम खान सहित 20 नेताओं को बिहार चुनाव प्रचार के लिए नामित किया है इसी सूची में राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और महासचिव शिवपाल सिंह यादव का भी नाम गायब है, जिसे लेकर सियासी हलकों में संदेश और समीकरणों पर चर्चा छिड़ गई है।
- सूची में अखिलेश यादव और डिंपल यादव के साथ आजम खान को प्रमुखता देना नेतृत्व की केंद्रीयकृत रणनीति और अल्पसंख्यक वोट-संदेश के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
- धर्मेंद्र-आदित्य की गैर मौजूदगी परिवार और संगठन की दूसरी पंक्ति के प्रभाव पर सवाल उठाती है, खासकर जब तेज प्रताप सिंह यादव जैसे सूची में शामिल हैं
- सपा ने खुले तौर पर घोषणा की है कि वह बिहार में महागठबंधन प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेगी।


























