संभल/बदायूं। बदायूं-बिजनौर हाईवे पर शनिवार की तड़के सुबह 4 बजे एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने इंसानियत पर भी कई सवाल खड़े कर दिए। तेज रफ्तार पिकअप ट्रक में पीछे से जा घुसी, जिससे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

यह भीषण हादसा संभल जिले के बहजोई-इस्लामनगर के बीच बहजोई कोतवाली के अंतर्गत आने वाले गांव वाहपुर के निकट हुआ। मृतक की पहचान महेश कुमार निवासी ग्राम बेहटा जवी, कोतवाली बिल्सी (जनपद बदायूं) के रूप में हुई है। उनकी पत्नी हर प्यारी देवी घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है, वहीं ड्राइवर की भी हालत नाजुक बनी हुई है जिसका हायर सेंटर मे ईलाज जारी है,

दंपत्ति पिकअप गाड़ी में घर सामान लेकर दिल्ली से अपने गांव बेहटा जवी लौट रहे थे। इसी दौरान तड़के लगभग चार बजे उनकी गाड़ी अचानक ट्रक में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह छति ग्रस्त हो गया और ड्राइवर के पैर और शरीर के हिस्से गाड़ी के स्टेरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गए वहीं महेश कुमार और उनकी पत्नी को गंभीर चोटे आने से वह भी गाड़ी मे अंदर फंस गए।

सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने मदद करने के बजाय अपने मोबाइल निकाल लिए और वीडियो बनाते रहे।सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ड्राइवर अभी जीवित है, हिलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई उसे निकालने का प्रयास नहीं कर रहा। आसपास से गुजर रही रोडवेज बस भी ट्रक के आगे खड़ी दिखाई दे रही है, जिससे प्रतीत होता है कि बस चालक ने भी हादसा देखकर गाड़ी रोकी है मगर कोई भी व्यक्ति घायलों को मदद करते नहीं दिख रहा है ।

सूचना मिलने पर वहजोई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद फंसे हुए ड्राइवर और महेश एवं उनकी पत्नी को बाहर निकालकर एबूलेंस से ईलाज को भिजवाया जहां इलाज के दौरान महेश की मौत हो गई, उनकी पत्नी की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर भेज दिया गया जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है ड्राइवर को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।

गांव बेहटा जवी में हादसे की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे का कारण रात का धुंधलापन और ट्रक का किनारे खड़ा होना हो सकता है, या फिर पिकअप के ड्राइवर को सुबह के वक़्त छपकी आ गई होगी जिसके कारण वो खड़े ट्रक मे जा घुसा, लेकिन सवाल यह है कि अगर लोग थोड़ी संवेदनशीलता दिखाते और तुरंत मदद करते, तो शायद एक जान बच सकती थी।

लोगों की बेपरवाही पर ग्रामीणों ने दुख जताते हुए कहा कि आजकल इंसान हादसे से ज्यादा मोबाइल कैमरे में दिलचस्पी दिखाने लगा है — यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।

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