बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत इन्छा स्थित गौशाला में गंभीर अनियमितताओं, पशु क्रूरता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम सतेती निवासी बालिस्टर सिंह पुत्र जगन्नाथ सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बदायूं को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान कमला शर्मा, उनके पति उमेश शर्मा, पुत्र नवनीत शर्मा, तथा ग्राम सचिव अशोक कुमार की मिलीभगत से गौशाला में रखी गई गायों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, गौशाला में गायों को जानबूझकर भूखा-प्यासा रखा जाता है, बीमार होने पर उनका इलाज नहीं कराया जाता, और कई बार उनकी तस्करी तक कर दी जाती है

बालिस्टर सिंह ने कहा कि मानक के अनुसार मिलने वाले चारे, खुराक और दवाइयों का धन गबन किया जा रहा है, और निरीक्षण के नाम पर रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया जाता है। कई बार बीमार या मर चुकी गायों का पंचनामा या पोस्टमार्टम तक नहीं कराया जाता, बल्कि उन्हें छिपाकर तस्करों के हवाले कर दिया जाता है

कुपोषण से जूझ रही हैं गायें, प्रशासन की अनदेखी से बिगड़ रही हालत

शिकायत में दर्ज तथ्यों के साथ उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि गौशाला में गायें कुपोषण का शिकार हैं। उनके शरीर की हड्डियां तक झलक रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें पर्याप्त भोजन और देखभाल नहीं मिल रही। शिकायतकर्ता ने कहा कि “कई गायें भूख और कुपोषण के कारण दम तोड़ रही हैं और प्रशासन व पशुपालन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला में मृत गायों के शवों को छिपाया जाता है और बाद में नई आवारा गायों को पकड़कर रिकॉर्ड में दिखा दिया जाता है, ताकि सरकारी अनुदान जारी रहे।

गांव में भय का माहौल, बोलने वालों को धमकियां

बालिस्टर सिंह ने यह भी कहा कि पूरा गांव इस काले खेल से वाकिफ है, लेकिन आरोपीगण इतने प्रभावशाली हैं कि कोई उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता। जो लोग आवाज उठाते हैं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने या जान-माल की धमकी दी जाती है।

पशुपालन विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल

शिकायत में कहा गया है कि पशुपालन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह भ्रष्टाचार लंबे समय से जारी है। विभागीय अधिकारी शिकायतों को नजरअंदाज कर गौशाला की संपत्ति और चारे का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पशुपालन विभाग को भी इस कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कानूनी कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि आरोपियों के विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।इसक़े लिए उन्होंने जिलाधिकारी, एसपी, उपजिलाधिकारी बिल्सी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला पशुपालन अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि भेजी है

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