





बिल्सी। नगर में आज पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर जश्न-ए-ईद मिलाद-उन-नबी का त्योहार श्रद्धा से मनाया गया। इस अवसर पर भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग नात-ए-कलाम पढ़ते हुए शामिल हुए।…ईद-उल-मिलादुन्नबी और (वारा वफ़ात) का जुलूस की शुरुआत अपराह्न 11 बजे मोहल्ला नंबर दो स्थित कादरी पब्लिक स्कूल से हुई, जो सीताराम तिराहा, थाना रोड से होता हुआ तहसील रोड स्थित कोठी वाली मस्जिद पर जाकर संपन्न हुआ।
इस दौरान इस्लामिया कॉलेज और विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया। कई स्थानों पर शरबत और अल्पाहार के स्टॉल लगाए गए, जिनसे जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया गया।
जुलूस में पूर्व विधायक हाजी मुसर्रत अली उर्फ बिट्टन, सपा नेता हाजी अजमल खान अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। वहीं, जामा मस्जिद के शाही इमाम इसरार उल हक, शहर काजी मोहम्मद गुलाम नबी, मंजरी गोसिया मस्जिद के इमाम महबूब राजा, इकरार अहमद सहित नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों मुस्लिम श्रद्धालु मौजूद रहे।
जुलूस में इस बार आधा दर्जन से अधिक डीजे भी शामिल रहे, जिन पर युवा धार्मिक तरानों के बीच करतब दिखाते नजर आए। हालांकि, सड़कों पर गड्ढों में जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। पुलिस उपाधीक्षक (UT) गौरव उपाध्याय और प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने सुबह से ही भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाल रखा था। नगर में जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई और पूरे मार्ग पर पैनी नजर रखी गई।
आपको बताते चलें कि बरावफ़ात का जुलूस, जिसे ईद-ए-मिलाद-उन-नबी भी कहते हैं, पैगंबर मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के अवसर पर निकाला जाने वाला एक धार्मिक जुलूस है। इस दिन को उनके जन्मदिन और वफात (मृत्यु) दोनों के रूप में मनाया जाता है। जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोग हाथ में झंडे और पताका लिए हुए पैगंबर की शिक्षाओं का बखान करते हुए चलते हैं, इस दिन पूरी दुनिया मे जगह-जगह जलसे और तकरीरें भी होती हैं।,


























