
बिल्सी। नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत करते हुए श्री रामकृष्ण समिति के तत्वाधान में मंगलवार दोपहर 3 बजे माहेश्वरी भवन में सात दिवसीय श्री राम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन कथा स्थल पर कथा प्रेमियों ने भक्ति के भावों से सुसज्जित कथा का रसपान किया,
पुष्प वाटिका प्रसंग का अद्भुत वर्णन
ऋषिकेश, उत्तराखंड से पधारे प्रख्यात संत श्री अयोध्या दास जी महाराज ने रामायण के पुष्प वाटिका प्रसंग का इतना भावपूर्ण वर्णन किया कि माहौल पूरी तरह राममय हो गया। उन्होंने बताया कि कैसे माता सीता पहली बार श्रीराम और लक्ष्मण को पुष्प वाटिका में देखती हैं और किस प्रकार यह दिव्य मिलन पूरी रामकथा की धुरी बनता है।
संत ने कहा,
“पुष्प वाटिका केवल एक बगिया नहीं थी, बल्कि वह स्थान था जहां भक्ति और प्रेम का प्रथम संगम हुआ। यह वही क्षण है जब धरती पर दिव्यता ने अपने स्वरूप को प्रकट किया और त्रेता युग में धर्म की नींव रखी।”
उनके शब्दों में भावनाओं की ऐसी लहर उमड़ी कि श्रद्धालु बार-बार “जय श्रीराम” और “सीता राम” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान करते रहे।
भक्ति रस से सराबोर पहला दिन
कथा के प्रारंभ में संगीतमय संकीर्तन हुआ, जहां भजन गायक मंडली ने भक्ति गीतों की मधुर धारा प्रवाहित की।
कथा समापन पर श्रद्धालुओं से 108 राम नाम की माला का जाप और हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया, जिसने श्रोताओं को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभूति कराई तपश्चात्श्री भगवान श्री राम की आरती उतारी गई, इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़
माहेश्वरी भवन में उमड़े श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। समिति के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक एवं भक्तगण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


























