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बदायूं जनपद का गणेश उत्सव: सात दिनों की भक्ति, सांस्कृतिक धूम के बाद नम आंखों से दी गई गणपति को विदाई, कछला घाट पर संपन्न हुआ विसर्जन”

“गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ!” – हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, गुलाल, बैंड-बाजों और गंगा किनारे भव्य विसर्जन

बदायूं। भरत मिलाप गली में सात दिवसीय गणेश उत्सव मंगलवार को धूमधाम से संपन्न हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच ‘भरत मिलाप गली के राजा’ को विदाई दी। इंद्रदेव की हल्की बूंदाबांदी ने शोभायात्रा को और पावन बना दिया, मानो आकाश भी बप्पा के साथ झूम रहा हो।

भरत मिलाप गली में ‘भरत मिलाप गली के राजा’ के नाम से प्रसिद्ध गणेश उत्सव इस वर्ष अद्वितीय भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सात दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक की धूम रही। पूरी गली को रंग-बिरंगी झालरों, रोशनी और आकर्षक सजावट से जगमगाया गया, जिससे वातावरण दिव्य प्रतीत हो रहा था।

सात दिनों की भक्ति और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम

27 अगस्त को गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, 56 भोग का आयोजन, सुंदरकांड पाठ, श्री बालाजी संकीर्तन, भजन संध्या, अर्पित एंड कम्पनी का विशेष कार्यक्रम तथा पंडित इशांत शर्मा की नवचंडी प्रचंड मंडल ने अपने भजनों से वातावरण को भक्ति रस में डुबो दिया।

सोमवार को सत्यनारायण कथा के पश्चात कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया, जो देर रात तक श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप भोजन कराने के साथ चलता रहा। समिति के पदाधिकारी, उनके परिजन व बड़ी संख्या में स्थानीय भक्तों ने आयोजन में भाग लिया।

आज हुई भावुक विदाई, गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’

आज मंगलवार की सुबह 10 बजे पूजन-अर्चन के बाद ‘भरत मिलाप गली के राजा’ को नम आंखों से विदाई दी गई। विदाई के दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग गुलाल खेलते, बैंड-बाजों की धुन पर नाचते और आतिशबाजी करते नजर आए। पूरे वातावरण में ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे।

भव्य शोभायात्रा और कछला घाट पर विधिवत विसर्जन

विदाई के बाद बदायूं के सभी गणेश प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो भगीरथी कछला गंगा घाट तक गई। रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़ गणपति के दर्शन के लिए उमड़ती रही। पूरे मार्ग पर गुलाल उड़ता रहा, बैंड-बाजों की गूंज, आतिशबाजी और भक्तों का नृत्य वातावरण को भक्ति रस में डुबोता रहा। शोभायात्रा गंगा घाट की ओर बढ़ी, जहां लहरों की ठंडी छुअन और बहते जल का कलरव एक अलौकिक दृश्य रच रहा था।

श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ!” के नारों के साथ बप्पा को गंगा की गोद में विदाई दी। गंगा घाट पर दीपों की झिलमिलाहट और फूलों की खुशबू से पूरा वातावरण दिव्य प्रतीत हो रहा था।

कछला घाट पर विसर्जन के समय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी

इस सात दिवसीय उत्सव में प्रदीप भारद्वाज, राजीव भारद्वाज, रवि वर्मा, निशांत वैश्य, राजेश, सागर भारद्वाज, मनी भारद्वाज, कृष्णा, नमन, हर्ष, मनोज, पवन, राम सक्सेना, शरद, वंश, सुनील शर्मा, कुलदीप, विजय, अरविंद भारद्वाज, निशांत गुप्ता, अंबुज गुप्ता, केसव गुप्ता, विकास भारद्वाज, शरद भारद्वाज, काव्य भारद्वाज, मंगलम भारद्वाज, वैभव भारद्वाज समेत भारी संख्या में श्रद्धालु एवं महिलाएं मौजूद रहीं।

संपन्न हुआ भक्ति व उल्लास का पर्व

सात दिनों तक चले इस धार्मिक उत्सव के सफल आयोजन के बाद गणेश प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही यह भव्य पर्व संपन्न हुआ। भक्तों ने भावनाओं के साथ राजा को विदाई देते हुए अगली बार और भव्य आयोजन की कामना की।

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