बदायूं। जनपद के बिसौली–बिल्सी मार्ग पर स्थित सोथ नदी का पुल बंद होने के बाद आवागमन के लिए अस्थाई रूप से बनाया गया कच्चा रास्ता अब लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ गया है और वह कच्चा रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में इसी रास्ते से गुजरने को विवश हैं।

कल (2 सितंबर) को पास के एक ग्रामीण ने इस भयावह स्थिति का वीडियो बनाकर स्वदेश केसरी न्यूज़ को भेजा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जलमग्न रास्ते पर सैकड़ों की संख्या में मोटरसाइकिलों और कारों की लंबी कतारें फंसी हुई हैं। कई वाहन पानी में डगमगाते हुए नज़र आ रहे थे, जिन्हें देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ज़रा-सी चूक से किसी की भी जान जा सकती है।

ग्रामीणों का दर्द:
ग्राम सिमर्रा निवासी एक बुजुर्ग ने बताया – “हम रोज़ इसी रास्ते से आते-जाते हैं, लेकिन अब पानी इतना बढ़ गया है कि हर कदम पर जान का डर बना रहता है। प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। लगता है कि हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन।”

वहीं एक युवक ने कहा – “इस जलमग्न रास्ते पर रोज़ बच्चे, महिलाएं, स्कूली छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। कल तो कई बाइकें पानी में बंद हो गईं और लोग घंटों फंसे रहे। अगर कोई गाड़ी बह गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

प्रशासन पर सवाल:
सबसे गंभीर बात यह है कि इस खतरनाक स्थिति पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की पूरी तरह चुप्पी बनी हुई है। न तो इस रास्ते को बंद किया गया है, न ही सुरक्षा के कोई इंतज़ाम किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे।

जनता की मांग और अल्टीमेटम:
ग्रामीणों और आमजन ने मांग की है कि इस मार्ग को तुरंत बेरीकेटिंग कर बंद किया जाए और सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

सवाल अब यही है कि क्या प्रशासन को वाकई किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है या फिर जनता की पीड़ा को गंभीरता से लेकर तुरंत ठोस कदम उठाए जाएंगे?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here