



बिल्सी। नगर के ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का आज चौथा दिन दिव्यता और भक्ति रस से सराबोर रहा। विदित हो कि सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के तत्वावधान में कछला स्टैंड स्थित जेपी जैन स्कूल मे श्रीमद भागवत कथा का आयोजन हो रहा है।
कथा व्यासपीठ पर विराजमान जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज ने आज परीक्षितजी महाराज के दिव्य जन्म का अद्भुत प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि परीक्षित को माँ के गर्भ में ही भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात् दर्शन प्राप्त हुआ था। जब अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र छोड़ा, तब भगवान स्वयं उत्तरा के गर्भ में प्रकट होकर बालक परीक्षित की रक्षा हेतु प्रकट हुए। इसी कारण उनका जन्म और कर्म दोनों ही दिव्य माने जाते हैं।
स्वामी जी ने कहा कि जब भगवान द्वारका लौटने लगे, तब देवी कुंती ने करुणामयी स्तुति कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया। ये प्रसंग सुनते ही कथा-पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें भक्ति और भावनाओं से छलक उठीं।
बताते चलें इस कथा के जिजमान स्वयं बालाजी भगवान हैं इस लिए कथा से पूर्व प्रतिदिन सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम से दिव्य रथ पर सवार होकर कथा स्थल पर पहुंचते हैं, और कथा विश्राम के बाद वापिस बालाजी धाम लौट जाते है, इस दौरान नगरवासी जगह जगह उनका स्वागत सत्कार करते दिखाई देते हैं। आज कथा के चौथे दिन कथा पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा, जहां सभी ने अमृतमयी कथा का रसपान कर अपने जीवन को कृतार्थ किया।
प्रमुख श्रद्धालु रहे उपस्थित
इस पावन अवसर पर सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महंत श्री मटरूमल शर्मा महाराज के साथ उनके ज्येष्ठ पुत्र संजीव शर्मा, नाती, यश भारद्वाज, रीनू शर्मा, राजीव शर्मा,रेखा शर्मा, सहित चंदौसी स्थित विख्यात पार्थ हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉक्टर वीरेश कुमार अपने ईष्ट मित्रों के साथ कथा स्थल पर पहुंचे उन्होंने कथा वाचक स्वामी रामचंद्र आचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भागवत भगवान की आरती भी उतारी, दीपक माहेश्वरी बाबा, स्वतंत्र राठी, पुष्किन गांधी, प्रखर राठी, बदायूं से सुरेंद्र कुमार, चारु सोमानी, मुकेश गुप्ता, सुभाषचंद्र बाहेती, बाबर हुसैन, आकाश वार्ष्णेय, चंद्रपाल तोषनीवाल, कपिल माहेश्वरी, रवि वार्ष्णेय, दिलीप शर्मा, राधेश्याम शर्मा, शरद माहेश्वरी, सोमेन्द्र सोम तोषनीवाल, छत्रपाल माहेश्वरी, जितेंद्र वार्ष्णेय, रंजन माहेश्वरी, सौरभ सोमानी, दीपु माहेश्वरी, रोहित शर्मा, कंटू माहेश्वरी, देव वार्ष्णेय, राजेश माहेश्वरी, प्रवीण वार्ष्णेय, मोहित देवल, विशाल भारत खासट, राजाबाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, हेमचंद्र वशिष्ठ, गोरेलाल शर्मा, आचार्य कुलदीप शर्मा, संदीप माहेश्वरी, लोकेश कुमार, अनुप माहेश्वरी, आशा शर्मा, भुवनेश शर्मा, सुबीन माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, निशांत, टिंकू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, आशा माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी, अनीता माहेश्वरी, सचिन माहेश्वरी, सुनील माहेश्वरी सहित नगर व जनपद के अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


























