


बदायूं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 25 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को भी सेवारत रहने और पदोन्नति हेतु अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के फैसले ने शिक्षकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी विरोध के चलते आज मंगलवार को जिलेभर के शिक्षक काले कपड़े पहनकर और काली पट्टी बांधकर सड़कों पर उतर आए।
जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में दोपहर 1 बजे से सैकड़ों शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जुटे। इसके बाद 3000 से अधिक शिक्षकों ने पंक्तिबद्ध होकर काले कानून के विरोध में बीएसए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला।
मार्च के दौरान शिक्षकों ने नारे लगाए –
“काला कानून वापस लो”,
“शिक्षकों की मांगे पूरी करो”,
“राष्ट्रनिर्माताओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं”।
ज्ञापन सौंपा गया प्रधानमंत्री को
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। संजीव शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस आदेश को वापस नहीं लिया तो शिक्षक लखनऊ से दिल्ली तक जोरदार आंदोलन करेंगे।
उन्होंने कहा, “2009 में टेट की अनिवार्यता लागू हुई थी, लेकिन उससे पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसे थोपना अन्याय है। इस फैसले से परेशान होकर प्रदेश के कई शिक्षक आत्महत्या कर चुके हैं। चाहे कुछ भी करना पड़े, यह काला कानून हर हाल में वापस होना चाहिए।”
महिला शिक्षिकाओं ने किया नेतृत्व
15 विकास खंडों से आए शिक्षकों का नेतृत्व महिला शिक्षिकाओं ने किया। सभी ब्लॉक के बैनर लेकर कड़ी धूप में भी वे पैदल मार्च करती रहीं।
शिक्षक नेताओं ने रखा पक्ष
- जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश निश्चित रूप से एक काला कानून है।
- दहगावां ब्लॉक अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव ने कहा कि जब-जब शिक्षकों पर अन्याय हुआ है, सरकार को संगठन के आगे झुकना पड़ा है।
- जिला उपाध्यक्ष अनुराग यादव ने बताया कि इस अन्यायपूर्ण फैसले से व्यथित होकर तीन शिक्षकों ने आत्महत्या की है।
- जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग शिक्षकों को प्रयोगशाला बना चुका है और उनके मान-सम्मान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
- जिला प्रवक्ता आयुष भारद्वाज ने कहा कि संगठन शिक्षकों के सम्मान की रक्षा के लिए हर संघर्ष को तैयार है।
- सलारपुर ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पटेल ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो विधानसभा और संसद का घेराव किया जाएगा।
भारी संख्या में जुटे शिक्षक
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के सभी विकास खंडों से अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यसमिति सदस्य, संघर्ष समिति अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी और हजारों शिक्षक शामिल हुए।


























