चंद्रप्रभु जैन मंदिर में शांतिधारा, प्रवचन, मंत्र व भजन प्रतियोगिताओं ने बढ़ाई भक्ति की भावना

बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या 2 स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पर्युषण पर्व का दूसरा दिन सोमवार को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दिन को जैन अनुयायियों ने उत्तम मार्दव धर्म के रूप में मनाया, जिसमें कोमलता, विनम्रता और मृदुभाव को आत्मा का स्वाभाविक गुण माना गया।

धार्मिक अनुष्ठान और शांतिधारा

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जिनेंद्र के मंगल जलाभिषेक और शांतिधारा से हुई। इसके बाद मंदिर परिसर में मंगल आरती कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया।

प्रवचन में मिला मृदुभाव का संदेश

प्रवचन देते हुए निखिल जैन ने कहा कि मृदुभाव आत्मा की सरलता का प्रतीक है। जो व्यक्ति धर्म को जानता है, उसके लिए जरूरी है कि वह अपने मन से कठोरता, अहंकार और कषाय को त्याग कर सरल व कोमल भाव रखे। यही भाव उत्तम मार्दव धर्म कहलाता है।

बच्चों में धार्मिकता के संस्कार

जैन मिलन बिल्सी के सानिध्य में नीरेश जैन और प्रशांत जैन ने बच्चों के लिए णमोकार मंत्रभजन प्रतियोगिता का आयोजन किया।

  • णमोकार मंत्र प्रतियोगिता में प्रथम स्थान काशवी जैन, द्वितीय प्रियांश जैन और तृतीय शिवांश जैन ने प्राप्त किया।
  • भजन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निशा जैन व गुंजन जैन, द्वितीय स्वीटी जैन और तृतीय मानसी जैन ने हासिल किया।
    लकी ड्रा में राखी जैन, कोपल जैन और पूजा जैन विजेता रहीं।

भक्ति और आध्यात्मिकता का संगम

कार्यक्रम से पूर्व भक्तामर का पाठ ममता जैन के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालु देर तक भजन, कीर्तन और प्रवचनों में लीन रहे।

इस अवसर पर अनिल जैन सोनी, मृगांक जैन, प्रीत जैन, भूपेंद्र जैन, नीरज जैन, अभिषेक जैन, डॉ. आरती जैन, स्वीटी जैन, मोना जैन, दिव्या जैन, बबिता जैन, ममता जैन, राखी जैन, पूजा जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।

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