बिल्सी (बदायूं)। नगर के अटल चौक स्थित शिव शक्ति भवन मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के क्रम में आज कथा के तीसरे दिन व्यास पीठ पर विराजमान पूज्य व्यास जी महाराज ने सती चरित्र, भगवान कपिल अवतार, भगवान दत्तात्रेय तथा ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक वर्णन किया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते रहे और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
व्यास जी महाराज ने कहा,
“मनुष्य को अपने कर-कमलों से संसार के कार्य करते रहना चाहिए, लेकिन मन हर समय भगवान के श्रीचरणों में स्थिर रहना चाहिए। निष्काम भक्ति ही प्राणी मात्र का कल्याण करती है और उसी से मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है। भगवान की कथा श्रवण का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, आत्मकल्याण होना चाहिए।”उन्होंने कहा कि कर से कर्म करो, पर मन वहीँ टिकाओ जहां प्रभु की कृपा है। यही जीवन का सार है। जो भक्त भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं, उनके जीवन में कोई कष्ट स्थायी नहीं रहता।आज की कथा में ध्रुव की अटूट तपस्या, सती के त्याग, और कपिल व दत्तात्रेय भगवान के ज्ञान से युक्त उपदेशों ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। धर्म, नीति और भक्ति का अद्भुत संगम श्रोताओं को अध्यात्म की ओर ले गया।
कथा में शामिल प्रमुख श्रद्धालुजन
आज कथा श्रवण के दौरान नगर के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आचार्य आयुष मिश्रा, विमल शर्मा, पंडित गोरेलाल व्यास, पंडित श्रीकृष्ण स्वरूप दीक्षित, रुचि दीक्षित, उमा दीक्षित, रानी खासट, सिद्धार्थ खासट, श्याम, अपर्णा इनायु, अमित, लक्ष्मी गुप्ता, प्रियंका वार्ष्णेय, कनक वार्ष्णेय, आशा वार्ष्णेय, और संजीव खासट की विशेष उपस्थिति रही। इन सभी ने श्रद्धापूर्वक कथा का रसास्वादन किया और व्यास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कल का विशेष प्रसंग – भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
कथा आयोजकों ने बताया कि कल कथा का विशेष प्रसंग श्रीकृष्ण जन्मोत्सव रहेगा। रात्रि में 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का भव्य उत्सव, कीर्तन, झांकियों, श्रृंगार, और आरती के साथ मनाया जाएगा। आयोजन समिति ने नगरवासियों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित इस पुण्य अवसर पर पधारें और भक्ति में सहभागी बनें।


























