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लॉर्ड कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल, बदायूं में समर कैंप के पाँचवे दिन की रचनात्मक धूम, बच्चों ने सीखा योग, तैराकी, पॉटरी और प्रस्तुत की बहुमुखी प्रतिभा

बदायूं। गर्मियों की तपिश के बीच जब शहर के अधिकांश स्कूल बंद हैं, तब लॉर्ड कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल, बदायूं में चल रहा ग्रीष्मकालीन समर कैंप बच्चों के लिए न सिर्फ सीखने का केंद्र बना है, बल्कि आत्मविश्वास, रचनात्मकता और आनंद का जीवंत मंच भी सिद्ध हो रहा है। बुधवार, 28 मई 2025 को कैंप का पाँचवां दिन, रचनात्मक ऊर्जा, नई गतिविधियों और बच्चों के चहकते चेहरों के नाम रहा।

दिन की शुरुआत योग से: मन और शरीर को एक साथ साधने की कला

सुबह की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए विशेष योग सत्र से हुई। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, भ्रामरी, अनुलोम-विलोम जैसे आसनों का अभ्यास किया। इससे बच्चों में एकाग्रता, मानसिक शांति और आत्म-नियंत्रण के गुणों का विकास हुआ। साथ ही प्राणायाम ने उन्हें श्वास पर नियंत्रण और आंतरिक ऊर्जा को जाग्रत करने का अनुभव प्रदान किया।

खेलों में दिखा अनुशासन और टीम भावना

इसके पश्चात स्कूल परिसर के मैदान में खेल गतिविधियाँ हुईं, जिसमें क्रिकेट, हैंडबॉल और अन्य खेलों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मैदान में बच्चों की ऊर्जा, सहयोग और रणनीति ने यह साबित किया कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम भी है।

पॉटरी: जब मिट्टी बनी कल्पना की साथी

समर कैंप की एक खास गतिविधि पॉटरी (मिट्टी कला) रही, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने नन्हे हाथों से कुम्हार बनने का रोमांच महसूस किया। बच्चों ने गीली मिट्टी से कप, बर्तन और सजावटी वस्तुएं बनाईं। यह न केवल उनकी सृजनात्मक क्षमता को प्रकट करने का मंच बना, बल्कि उन्हें प्रकृति से जुड़ने और धैर्य सीखने का अवसर भी मिला।

‘कुकिंग विदाउट फायर’: स्वाद, सजावट और सोच का संगम

खाने की कला को सुरक्षित और रचनात्मक तरीके से सिखाने के उद्देश्य से आयोजित ‘कुकिंग विदाउट फायर’ सत्र में बच्चों ने बिना आग के बनाए जाने वाले स्वादिष्ट व्यंजन जैसे सैंडविच, भेलपुरी, फ्रूट चाट आदि तैयार किए। उन्होंने न केवल स्वाद बल्कि प्रस्तुति और स्वच्छता पर भी ध्यान दिया।

नृत्य, कला और रचनात्मकता का संगम

डांस वर्कशॉप में बच्चों ने शास्त्रीय से लेकर बॉलीवुड स्टाइल तक की विभिन्न नृत्य शैलियों में लयबद्ध प्रदर्शन किया। वहीं आर्ट एंड क्राफ्ट सत्र में उन्होंने रंगों, पेपर कटिंग, स्केचिंग और पेस्टिंग के माध्यम से सुंदर कलाकृतियाँ बनाईं जो उनकी कल्पनाशक्ति और सजगता का उदाहरण रहीं।

स्विमिंग सेशन: बच्चों के लिए रोमांच और आत्मरक्षा का मेल

समर कैंप के पाँचवे दिन की एक और विशेष गतिविधि स्विमिंग रही। प्रशिक्षित कोच की देखरेख में बच्चों ने तैराकी की तकनीकें सीखीं, जिसमें फ्लोटिंग, ब्रेथिंग टेक्निक, और बेसिक स्ट्रोक्स शामिल थे। यह सत्र बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए भी उपयोगी सिद्ध हुआ।

प्रबंधन की सराहना और प्रेरणादायक उपस्थिति

विद्यालय के संस्थापक श्री वेदव्रत त्रिवेदी, सह-संस्थापक श्री तेजस्व त्रिवेदी, निदेशिका श्रीमती छवी शर्मा एवं श्रीमती रीता शर्मा, शैक्षिक निदेशक श्री देवव्रत त्रिवेदी और प्रधानाचार्य श्री दीपक त्यागी की उपस्थिति ने कैंप की गरिमा को और बढ़ाया। प्रबंधन ने बच्चों की रचनात्मकता, सहभागिता और जोश की खुलकर सराहना की और इस समर कैंप को बच्चों के सर्वांगीण विकास का आदर्श मंच बताया।

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