

बदायूं। जिला बदायूं में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कादरचौक में तैनात डार्क रूम सहायक सुनील कुमार को सतर्कता अधिष्ठान बरेली सेक्टर की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 28 मई 2025 को शहर के डीएम रोड स्थित कमला मेडिकल स्टोर के पास अंजाम दी गई, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
महिला कर्मचारी से मांगी थी 17 हजार रुपये की रिश्वत
आरोपी सुनील कुमार पर आरोप है कि उसने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय बदायूं के कक्ष संख्या 22 में लिपिक संजय के सहायक के रूप में कार्य करते हुए एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से उसके पिछले पांच माह के रुके हुए वेतन की फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में ₹17,000 की रिश्वत की मांग की थी।
सतर्कता टीम की पूर्व नियोजित कार्रवाई
महिला कर्मचारी ने यह मामला गंभीर मानते हुए सतर्कता अधिष्ठान बरेली सेक्टर में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर, अधिष्ठान की टीम ने पहले से तय योजना के अनुसार जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार करने के बाद उसे मौके से थाने ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बरेली सतर्कता अधिष्ठान ने दी यह जानकारी
सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि “सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या सरकारी लापरवाही की जानकारी सीधे सतर्कता अधिष्ठान को दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 9454401866 जारी किया गया है।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
इस मामले के सामने आने के बाद बदायूं के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि विभागीय जांच अब कितनी गहराई तक जाएगी और अन्य किन-किन अधिकारियों की भूमिका सामने आएगी।
क्या कहते हैं जानकार
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आरटीआई कार्यकर्ता विवेक भटनागर ने कहा, “यदि महिला कर्मचारी ने साहस न दिखाया होता तो यह मामला सामने ही नहीं आता। ऐसे प्रकरण यह दर्शाते हैं कि नीचे के स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। प्रशासन को सख्ती से निपटना होगा।”
बदायूं में स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार का यह मामला विभागीय पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। ऐसे समय में जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं भृष्ट अधिकारी कर्मचारी इन प्रयासों को खोखला कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन क्या ठोस कदम उठाते हैं।


























