
- बदायूं के आर्य समाज क्षेत्र में रास्ता जाम, पुलिस चौकी निर्माण की ईंटें बनीं मुसीबत का कारण,
- पुलिस स्टाफ के लिए हो रहे फ्लैट निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन के ट्रैक्टर ट्रॉली से ओवरलोड ईंटो की की जा रही ढुलाई, पुलिस ने आँखें मूंदी।
- ईटों से भरी ओवरलोड ट्रॉली के कारण सड़क धंसी, जिसके कारण पानी की पाइप लाइन भी फंटी जिसके चलते आसपास के घरों को नहीं मिला पानी,
- बिना नंबर के ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से रास्ता जाम, जनता परेशान, जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं
बदायूं (स्वदेश केसरी):
शहर के मालवीयगंज स्थित पुलिस चौकी परिसर में स्टाफ के लिए बनाए जा रहे बहुमंजिला फ्लैट्स आज स्थानीय नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन गए। खासकर आर्य समाज रोड पर रहने वाले लोगों को ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पडा है।
आज तड़के सुबह जैसे ही लोग घरों से बाहर निकले, तो देखा कि गली का एक पूरा हिस्सा ईंटों से भर दिया गया है, जो ठेकेदार द्वारा भट्टे से मंगवाई गई थीं। वहीं दूसरी ओर एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसी हुई खड़ी थी, जिसका एक पहिया ज़मीन में धंस चुका था। इस वजह से पूरा रास्ता ब्लॉक हो गया, जिससे लोगों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जब स्वदेश केसरी संवाददाता ने ड्राइवर से बातचीत की, तो उसने बताया कि ईंटें मालवीयगंज पुलिस चौकी में बन रहे फ्लैट्स के लिए लाई जा रही हैं। लेकिन जब उससे इतनी ओवरलोड ट्रॉली लाने का कारण पूछा गया, तो वह जवाब देने से कतराने लगा।
चौंकाने वाली बात ये रही कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं था। पूछने पर ड्राइवर ने बताया कि ट्रैक्टर तीन महीने पुराना है, इसलिए नंबर नहीं पड़ा है।
अब सवाल यह उठता है कि शहर भर में ओवरलोड और बिना नंबर के कमर्शियल वाहनों की धरपकड़ करने वाली पुलिस, जब अपने ही परिसर में ऐसे वाहनों की आमद देख रही है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
क्या ठेकेदार की मिलीभगत से नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं?
क्या पुलिस का कानून सिर्फ आम जनता पर ही लागू होता है
जनता अब प्रशासन से सवाल कर रही है कि जब पुलिस चौकी के नाम पर सरकारी निर्माण में ही नियमों की अनदेखी हो रही है, तो आम आदमी से नियम पालन की उम्मीद कैसी की जा सकती है?
क्या बदायूं पुलिस की आंखों पर चौकी परिसर में आते बिना नंबर के ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली के लिए कोई अलग चश्मा है?
जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की गई है कि तत्काल इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और कानून का वास्तविक सम्मान हो सके।


























