बिल्सी। कस्बे के एक निजी अस्पताल के संचालक और स्टाफ के खिलाफ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और इलाज से इनकार करने के आरोप में प्राथमिक दर्ज की गई है।
मोहल्ला नंबर एक निवासी भूतपूर्व सैनिक एवं शिक्षक जगमोहन आर्य ने थाने में तहरीर दी थी कि बीती 12 फरवरी की रात करीब 11:00 बजे वे अपने पिता आसाराम आर्य को सांस लेने में तकलीफ होने पर इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए थे। आरोप है कि वहां मौजूद स्टाफ रिज़वान उर्फ राजू ने डॉक्टर को बुलाने की बात पर बहस और बदतमीजी की। इसके बाद, अस्पताल के अन्य स्टाफ राजनाथ व एक महिला कर्मचारी के साथ मिलकर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और इलाज करने से मना कर दिया।
आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण जगमोहन आर्य के पिता को समय पर ऑक्सीजन और दवा नहीं मिल सकी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के वक्त नरेंद्र, राकेश यादव और जयपाल समेत कई लोग मौजूद थे।
पीड़ित की शिकायत पर थाना पुलिस ने आज अस्पताल संचालक सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि मामले की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी बिल्सी द्वारा की जाएगी।


























