बदायूं में प्रशासनिक लापरवाही की एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम जरेठा, ब्लॉक दहगवां की गौशाला में जीवित गौवंश को मरा घोषित कर पुआल में दबा दिया गया। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश फैल गया है।


घटना का विवरण और पशु प्रेमी की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने तुरंत संबंधित ब्लॉक के वीडिओ और पशुपालन विभाग को सूचित किया। साथ ही, उन्होंने इस गंभीर मामले की सूचना बदायूं जिलाधिकारी को भी दी है। विकेंद्र शर्मा ने इस अमानवीयता पर गहरा रोष व्यक्त किया और मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, गांववासियों में आक्रोश
वीडियो के सामने आने के बाद से ग्राम जरेठा के लोग उग्र हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में लोग जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस घटना को गौवंश संरक्षण के नाम पर महज औपचारिकता करार दे रहे हैं।
प्रशासनिक लापरवाही और जिले के जिम्मेदार अफसरों की भूमिका पर सवाल
यह घटना बदायूं में प्रशासनिक लापरवाही की लंबी फेहरिस्त में एक और उदाहरण है। जिले के जिम्मेदार अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह कोई पहली घटना नहीं है जब गौवंश संरक्षण के नाम पर ऐसी अमानवीयता बरती गई हो। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे उनकी लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है।
क्या होगी कार्यवाही या मामला रफा-दफा होगा?
अब सवाल उठता है कि क्या इस बार प्रशासन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा, या फिर मामला ले देकर रफा-दफा कर दिया जाएगा? जिले में ऐसी घटनाओं की बढ़ती तादाद ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गौवंश संरक्षण के नाम पर जिले में सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद दयनीय है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, या फिर यह घटना भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी।


























