
म्याऊं के ब्लॉक संसाधन केंद्र में समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच दिवसीय नोडल शिक्षकों का प्रशिक्षण (द्वितीय चरण) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 77 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया और होम बेस्ड एजुकेशन, समर्थ मोबाइल पोर्टल, दिव्यांग छात्रों की शिक्षा, सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी, विद्यालय सुगम सर्वेक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में मुख्य बिंदु:
- श्रवण बाधित बच्चों के लिए साइन लैंग्वेज में पढ़ाने के तरीकों पर चर्चा।
- दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि पर विस्तृत जानकारी।
- बौद्धिक अक्षम और विशेष अधिगम दिव्यांग बच्चों के कक्षा प्रबंधन और मूल्यांकन के तरीकों पर चर्चा।
- दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-अधिगम सामग्री, पुनर्वास सुविधाएं, और अभिभावक परामर्श पर विस्तृत प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्री लक्ष्मी नारायण ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “इस प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को विद्यालयों में लागू करें और दिव्यांग बच्चों तक इसका लाभ पहुंचाएं।”
इस प्रशिक्षण को स्पेशल एजुकेटर अरुण कुमार, राजीव कुमार और आशीष सिंह यादव ने प्रदान किया, जबकि एआरपी वीरपाल सिंह और सहायक अध्यापक संजय यादव ने विशेष सहयोग दिया। प्रशिक्षण में सुलक्षणा देवी, योग्यता कुमारी, राजेश राठौर, हरीश दिनकर, जिज्ञासा सक्सेना, अब्दुल रहीम, मोहम्मद मुक्तदिश, मंसूर आजम, संजय, सुखवेंद्र सिंह, चंद्रभान सिंह सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।


























