
बदायूं में गर्म कपड़ों का बाजार लगाने वाले नेपाली व्यापारियों से तीन शातिरों ने भंडारे के नाम पर 20 हजार रुपये ठग लिए। यह घटना थाना सिविल लाइन क्षेत्र के पुलिस लाइन चौराहे के पास की है, जहां हर साल नेपाल से व्यापारी आकर ऊनी कपड़ों का बाजार लगाते हैं।
सोमवार को तीन व्यक्ति बाजार पहुंचे और खुद को पास स्थित देवी मंदिर के पुजारी व आयोजक बताते हुए भंडारे के लिए चंदा मांगा। व्यापारियों ने लगभग 20 हजार रुपये इकट्ठे कर उन्हें दे दिए। ठगों ने सभी को भंडारे में आमंत्रित भी किया।
भंडारे के नाम पर धोखाधड़ी
मंगलवार को नेपाली व्यापारी भंडारे में शामिल होने मंदिर पहुंचे, लेकिन वहां न कोई आयोजन था और न ही भंडारे की कोई तैयारी। पूछताछ करने पर पता चला कि मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं रखा था। ठगी का एहसास होने पर व्यापारियों ने बाजार लौटकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए, जिसमें तीनों ठग साफ दिखाई दे रहे थे।
पुलिस से शिकायत की तैयारी
मंदिर प्रशासन और नेपाली व्यापारियों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिर के पुजारी रामकुमार ने भी इस मामले की निंदा करते हुए तहरीर देने की बात कही।
नेपाली व्यापारियों का बयान
नेपाली बाजार के मिलन प्रधान ने बताया कि ठगों ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताते हुए विश्वास में लिया। ठगों ने यह भी कहा कि वे विशेष आयोजनों पर ही मंदिर आते हैं। अब व्यापारियों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाएगी।
यह घटना सिविल लाइन क्षेत्र में ठगों के सक्रिय गिरोह की ओर इशारा करती है। पुलिस जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।


























