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चंदौसी में बावरी की खुदाई और बांके बिहारी मंदिर को पुनः अस्तित्व में लाने की तैयारी

चंदौसी। मोहल्ला लक्ष्मणगंज में स्थित प्राचीन बावरी और बांके बिहारी मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण हटाने और स्थल को पुनः अस्तित्व में लाने का कार्य प्रशासनिक स्तर पर तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी संभल के निर्देश पर बावरी की खुदाई और मंदिर की भूमि की नपत का कार्य शुरू किया गया है।

समाधान दिवस पर उठाया गया था मुद्दा

पिछले शनिवार को समाधान दिवस के दौरान सनातन सेवक संघ के प्रदेश प्रचारक प्रमुख कौशल किशोर वंदे मातरम ने मोहल्ला लक्ष्मणगंज में प्राचीन बावरी और बांके बिहारी मंदिर होने का दावा करते हुए जिलाधिकारी संभल को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा कि मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

जिलाधिकारी ने दिए खुदाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बावरी की खुदाई और मंदिर स्थल की जांच के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा मंदिर स्थल की नपत कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि मंदिर की कुल भूमि 14 बीघा है। लेकिन मौके पर इस भूमि का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण के कारण गायब पाया गया।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू

प्रशासन ने इस भूमि पर किए गए पक्के निर्माणों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

प्राचीन स्थलों को पुनर्जीवित करने की योजना

प्रशासन ने सभी प्राचीन स्थलों की तलाश शुरू कर दी है। मंदिरों और प्राचीन कुओं को पुनः अस्तित्व में लाने और उनका कायाकल्प करने के लिए विभिन्न एजेंसियों से प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल के तहत, प्राचीन धरोहरों को संरक्षित कर स्थानीय संस्कृति और धार्मिक महत्व को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।नगरवासियों ने इस पहल का स्वागत किया और प्रशासन से इस कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।

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