ललित वार्ष्णेय की रिपोर्ट
चंदौसी। चंदौसी शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत प्रदेश की कैबिनेट मंत्री गुलाबो देवी भी अपनी पुश्तैनी दुकान बचा नहीं सकीं। हालांकि, उन्होंने इस अभियान में सहयोग करते हुए खुद अपनी दुकान पर हथौड़ा चलाकर मिसाल पेश की। इस दौरान भावुक हुईं मंत्री ने कहा कि यह दुकान उनके पिता की निशानी थी, जहां वे कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे। लेकिन जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने अभियान में सहयोग किया और सभी से यही अपील की।
अतिक्रमण हटाओ अभियान ने लिया जोर
चंदौसी नगर में 8 नवंबर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। नगर के सुभाष रोड सहित कई स्थानों पर बने अवैध निर्माणों और अतिक्रमित दुकानों को चिन्हित किया गया था। इनमें प्रदेश की कैबिनेट मंत्री गुलाब देवी की पुश्तैनी दुकान भी शामिल थी।
अधिकारियों से चर्चा के बाद लिया बड़ा कदम
गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पेंसिया और एसडीएम विनय मिश्रा ने मंत्री गुलाब देवी के आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अतिक्रमण हटाने के अभियान की अनिवार्यता और इसके फायदों पर चर्चा की। इसके बाद, मंत्री गुलाब देवी ने खुद अभियान में शामिल होने का निर्णय लिया।
जनता के साथ खड़ी दिखीं मंत्री गुलाब देवी
शुक्रवार को मंत्री गुलाब देवी अपनी पुश्तैनी दुकान पर पहुंचीं और खुद हथौड़ा लेकर दुकान को गिराने की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा, “यह दुकान मेरे पिता की निशानी है, जहां वे कपड़ों की प्रेस किया करते थे। लेकिन जब शहर के विकास के लिए सभी लोग सहयोग कर रहे हैं, तो मैं इससे अलग कैसे हो सकती हूं? मेरे शहर का कायाकल्प होना चाहिए, और मैं चाहती हूं कि यह अभियान सफल हो।”
शहरवासियों के लिए बनीं प्रेरणा
मंत्री गुलाबो देवी का यह कदम पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। उनके इस कार्य ने यह संदेश दिया कि जनहित के कामों में हर व्यक्ति को समान रूप से सहयोग करना चाहिए, चाहे वह कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो। स्थानीय नागरिकों ने उनके इस साहस और ईमानदारी की सराहना की।
अभियान से बदलेगी शहर की सूरत
नगर प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण हटाओ अभियान से चंदौसी शहर की सूरत बदलेगी और विकास के नए रास्ते खुलेंगे। जिलाधिकारी डॉ राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि यह अभियान शहर को अवैध कब्जों से मुक्त कराने और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।
मंत्री गुलाबो देवी की यह पहल न केवल शहर के विकास में सहायक होगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि कानून सभी के लिए समान है। उनका यह कदम आने वाले समय में चंदौसी नगर के लिए एक प्रेरणा के रूप में याद किया जाएगा।

























