बिल्सी नगर पालिका परिषद को स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) प्लस घोषित किया गया है, लेकिन यह योजना केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। नगरवासियों को अभी तक मूलभूत सुविधाएं, खासकर सार्वजनिक शौचालय, उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

बताते चलें कि स्वदेश केसरी ने ग्राउंड जीरो से पड़ताल कर 9 जुलाई के अंक में बिल्सी नगर के मुख्य बाजार में शौचालय की व्यवस्था न होने पर एक अहम खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के बाद से तीन महीने का समय बीत चुका है, लेकिन पालिका प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है, अभीतक सार्वजनिक शौचालय निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हाल ही में एक समाचार पत्र में नगर पालिका परिषद द्वारा बिल्सी को खुले में शौच मुक्त ओडीएफ प्लस प्लस घोषित करने की सूचना प्रकाशित हुई। इसमें यह भी कहा गया है कि खुले में शौच करने पर 500 रुपये, खुले में मूत्र करने पर 100 रुपये, और खुले में थूकने पर 100 रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।
इस घोषणा पर नगरवासियों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन, जो मूलभूत सुविधाएं देने में असमर्थ है, वह केवल अर्थदंड लगाकर क्या संदेश देना चाहती है? नगरवासियों का यह भी सवाल है कि बिना शौचालय की व्यवस्था किए, खुले में शौच और अन्य गतिविधियों पर अर्थदंड लगाने का औचित्य क्या है।
लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पालिका प्रशासन केवल घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुविधाएं मुहैया कराने पर ध्यान देगा ताकि नगर का हर निवासी स्वच्छता अभियान का लाभ ले सके।

























