बिल्सी। ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन की शुरुआत सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम में पोथी पूजन के साथ हुई। जिसके बाद, नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, कलश यात्रा मे राया मथुरा से आए बैंड-बाजों की धुन पर गाये जा रहे सुन्दर सुन्दर भजनों पर कलश यात्रा मे शामिल भक्तगण भक्ति रस मे झूमते नज़र आये ।















कलश यात्रा का शुभारंभ बालाजी धाम से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान एसडीएम बिल्सी, सीओ बिल्सी और कोतवाल बिल्सी भी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
कलश यात्रा नगर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी, और इस दौरान नगरवासी जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत करते नजर आए। यात्रा ने मोहल्ला संख्या पांच से होते हुए बिजलीघर रोड, अटल चौक, सर्राफा बाजार होते हुए बालाजी तिराहे से कछला बस स्टेंड स्थित ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल तक का मार्ग तय किया,इस दौरान नगरवासियों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
अटल चौक, सर्राफा बाजार बालाजी मार्किट मे नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों व्यापरीयों ने सिद्धपीठ श्री बालाजी के महंत पं मटरू मल शर्मा महाराज एवं कलश यात्रा का फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद, यात्रा आर्य समाज रोड और चंद्रशेखर आजाद मार्केट होते हुए जेपी जैन स्कूल में आयोजित कथा स्थल पर पहुंची।
श्रीमद् भागवत कथा में पूज्य श्री स्वामी जी महाराज ने भागवत के महत्व को समझाते हुए धुंधकारी की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा श्रवण करने से पापी से पापी व्यक्ति की भी मुक्ति संभव है। धूम बुखारी, जो एक महापापी था, भागवत कथा सुनने के बाद भगवान का पार्षद बन गया और भगवान के धाम को प्राप्त हुआ।
इस आयोजन में बालाजी धाम के प्रधान महंत मटरूमल शर्मा महाराज जी, पत्नी शांति देवी शर्मा, प्रदीप शर्मा, ओजित शर्मा संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, राजीव शर्मा, नरेंद्र गरल, दीपक माहेश्वरी, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, मुकेश गुप्ता, पुष्कीन माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी, रंजन माहेश्वरी, जितेंद्र कुमार वार्ष्णेय राजेश कुमार, प्रवीण वार्ष्णेय, हेमचंद बशिष्ठ आशीष वशिष्ठ समेत भारी संख्या मे लोग मौजूद रहे ।
सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम द्वारा यह आयोजन नगरवासियों के लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव की तरह होता है , कथा को सुनने के लिए बड़ी बड़ी दूर दराज क्षेत्रों से लोग भागवत कथा सुनने के लिए बिल्सी पहुंच कर एक-दूसरे के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं ।

























