


बिल्सी: नगर का एकमात्र प्राचीन शिव शक्ति मंदिर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लगभग 100 वर्ष पूर्व स्थापित इस मंदिर की सर्वत्र मान्यता है, किंतु यह मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर परिसर तक का उबड़-खाबड़ खड़ंजा और जर्जर स्थिति में जीर्ण-शीर्ण हालत में हो चुका है।
इस प्राचीन मंदिर में सिद्धिदात्री जगत जननी मां का भव्य मंदिर, प्राचीन बालाजी हनुमान मंदिर, शनि देव मंदिर, बाबा भोलेनाथ का मंदिर और मां चामुंडा देवी मंदिर स्थापित हैं। प्रत्येक सोमवार को बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार कराया जाता है। दूर-दराज से श्रद्धालु भक्त अपनी मनौती मांगने जगत जननी माता रानी के दर्शन हेतु आते हैं। आषाढ़ मास में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की हजारों महिलाएं जात करने आती हैं और बच्चों के मुंडन संस्कार भी इसी मंदिर में होते हैं।
श्री महाकाल सेवा समिति और श्री हनुमान सेवा समिति के सदस्य समय-समय पर इस मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन करते हैं। बावजूद इसके, मंदिर परिसर में उबड़-खाबड़ खड़ंजा और श्रद्धालुओं के बैठने के उचित स्थान की कमी के कारण भक्तों को भारी परेशानी होती है।
नगर के प्रबुद्ध लोगों ने क्षेत्रीय विधायक से विधायक निधि फंड से मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार कराने की पुर्जोर मांग की है। जनता ने भी अपनी तरफ से आर्थिक मदद और श्रमदान का आश्वासन दिया है। इस प्रकार, सरकार और जनता की मदद से इस ऐतिहासिक मंदिर का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार संभव हो सकता है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और मंदिर की प्राचीन महत्ता बनी रहेगी।

























