बदायूँ। बाबा रामदेव और उनकी पतंजलि कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, बीते दिनों बाबा रामदेव को भ्रामक विज्ञापन को लेकर सुप्रीम से फटकार पड़ी थी, उसके बाद बाबा पर मुश्किलों का मानों पहाड़ टूट पड़ा, जिसके बाद उत्तराखंड आयुष विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की दिव्य औषधि के 14 प्रोडक्ट्स को बैन कर दिया था. हालाँकि यह बैन अब हट चूका है. गत अप्रेल में भी करीब चार साल पूर्व डीडीहाट से एकत्र किये पतंजलि के पैक्ड शहद का एक नमूना जांच में अधोमानक पाया गया था। पैक्ड शहद के लिए गए नमूने में सुक्रोज की मात्रा दोगुनी से अधिक मिली है। न्याय निर्णायक अधिकारी ने डीडीहाट के विक्रेता और रामनगर की डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी पर एक लाख का अर्थदंड लगाया था।
अब पतंजलि की सोन पापड़ी क्वालिटी टेस्ट में फेल –
अब पतंजलि की सोन पापड़ी क्वालिटी टेस्ट में फेल पाई गई है, जिसके कारण कंपनी के अधिकारी समेत 3 लोगों को जेल और जुर्माना भी लगा है, लिहाजा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग स्थित लीलाधर पाठक की दुकान से करीब 5 साल पहले 2019 में पतंजलि नवरत्न इलायची सोन पापड़ी के लिए गए सैंपल फेल हो गए.
इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ संजय सिंह की अदालत ने शनिवार को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के असिस्टेंट GM ( जनरल मैनेजर) अभिषेक कुमार, कान्हा जी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड रामनगर की असिस्टेंट मैनेजर अजय जोशी और दुकानदार लीलाधर पाठक को 6 महीने के कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है. आरोपियों को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की कई धाराओं के अंतर्गत सजा सुनाई गई है.लीलाधर पाठक पर 5 हजार, अजय जोशी पर 10 हजार और अभिषेक कुमार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। कोर्ट ने अपना फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत सुनाया है.

























