लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. गोयल के इस्तीफे के साथ, अब चुनाव पैनल में दो रिक्तियां हो गई हैं. गोयल पंजाब-कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं. बैसे उनका कार्यकाल 2027 तक था.उन्होंने नवंबर 2022 में चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था. राष्ट्रपति के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव गोयल ने भी उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
नियुक्ति पर हुआ था विवाद
स्वतंत्र चुनावी निगरानी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने उनकी नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने की उम्मीद है, मौजूदा सदन का कार्यकाल मई 2024 में समाप्त होगा. पूर्व आईएएस अधिकारी गोयल ने 21 नवंबर, 2022 को चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था.
ईसी के रूप में उनकी नियुक्ति ने विवाद खड़ा कर दिया क्योंकि वह केंद्रीय भारी उद्योग सचिव थे, जब उन्होंने 18 नवंबर, 2022 को भारतीय प्रशासनिक सेवाओं से वॉलेंटियरी रिटायरमेंट लिया था. एक दिन बाद ही उन्हें आयोग में नियुक्त कर दिया गया था.
इस्तीफे की वजहों की जानकारी नहीं
अरुण गोयल के इस्तीफे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की तैयारी चरम पर हैं और इस बीच उनका इस्तीफा आया है. अभी तक चुनाव की तारीखों की कोई घोषणा नहीं हुई है लेकिन संभावना है कि अप्रैल-मई में इन्हें कराया जा सकता है. आयोग की टीमें इस समय कई राज्यों के दौरे पर हैं. शुक्रवार को चुनाव आयोग ने देशभर में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और आवाजाही को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और रेलवे अधिकारियों के साथ सुरक्षा बैठक की. लोकसभा चुनाव के अलावा, आयोग को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी करवाने हैं.

























