
होली 2024
– फोटो : अमर उजाला
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काशी एक ऐसा शहर है जहां मृत्यु का आलिंगन और मौत पर नृत्य होता है। ये एक ऐसा शहर है जहां श्मशान में भी फागुन मनाया जाता है। जी हां, जीवन के शाश्वत सत्य से परिचित कराती स्थली पर होली खेलने का दृश्य सिर्फ यहीं नजर आता है।
काशी ऐसा स्थान है जहां पर लोग मोक्ष प्राप्ति के लिए आते हैं। वहीं महाश्मशान मणिकार्णिका घाट व हरिश्चन्द्र घाट पर फागुन मनाया जाता है। इन घाटों पर 24 घंटे चिताएं जलती रहती हैं। यहां एक तरफ चिताएं धधकती रहती हैं तो दूसरी ओर बुझी चिताओं की भस्म से जमकर साधु-संत और भक्त होली खेलते हैं। जिसमें काशी के लोग ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं। मथुरा के होली उत्सव के अलावा काशी की होली बेहद प्रसिद्ध है।
बता दें कि काशी एकमात्र ऐसा शहर है जहां फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन हरिश्चन्द्र घाट पर और अगले दिन मर्णिकर्णिका घाट पर हर साल होली का उत्सव मनाया जाता है। जिसमें चिता की राख से होली खेली जाती है।

























