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A village without roads where the players became the pride of the country | बिना रास्तों वाला गांव…जहां के खिलाड़ी देश की शान बने: कोई जैवलिन थ्रो तो किसी ने रनिंग में जीता गोल्ड; आश्वासन मिले पर सड़क नहीं बनी – Uttar Pradesh News

लखनऊ2 घंटे पहलेलेखक: उज्ज्वल सिंह

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प्रतापगढ़ के संग्रामपुर का मधई का पुरवा गांव। यहां से निकले खिलाड़ियों ने देश के लिए खेला। मेडल जीतकर लोगों को गर्व करने का मौका दिया। लेकिन इन्हें जो सुविधाएं मिलनी चाहिएं, वह नहीं मिलीं। अजीब यह कि इस गांव में जाने का आज तक कोई रास्ता नहीं बन सका। 150 घरों वाले इस गांव में जाने के लिए आज भी सोचना पड़ता है कि कहां से जाएं?

हर चुनाव में यहां के लोगों ने अपने उम्मीदवारों से रास्ता

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