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- लोकसभा चुनाव तिथियां 2024; चुनाव आयोग के अधिकारियों की ट्रांसफर नई नीति
नई दिल्ली14 मिनट पहले
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इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि आयोग कि चुनाव में खलल को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रही है।
लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान मार्च महीने के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। चुनाव आयोग ने इलेक्शन को लेकर कमर कस ली है। आयोग की गठित टीमें राज्यों का दौरान कर रही हैं। इसी बीच शनिवार (24 फरवरी) को चुनाव आयोग ने अधिकारियों के ट्रांसफर को लेकर नई पॉलिसी जारी की।
आयोग ने राज्य सरकारों से कहा है कि चुनाव से पहले जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया जाए, उन्हें संसदीय क्षेत्र के बाहर नई तैनाती दी जाए। यानी संसदीय क्षेत्र के बाहर के जिले में ही अधिकारियों को भेजा जाए। आयोग इस पॉलिसी के जरिए चुनाव में होने वाली खामियों की दूर करने की तैयारी कर रहा है।
EC की पॉलिसी के मुताबिक, वे अधिकारी जो अपने होम डिस्ट्रिक्ट में तैनात थे या एक ही स्थान पर तीन साल पूरे कर चुके हैं। उन्हें लोकसभा या विधानसभा चुनावों से पहले ट्रांसफर कर दिया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे चुनाव में किसी उम्मीदवार या पार्टी को फायदा नहीं पहुंचाएं।

अधिकारियों के ट्रांसफर पर पोल अथॉरिटी की नजर
राज्य सरकारें अधिकारियों को एक ही संसदीय क्षेत्र के अन्य जिले में ट्रांसफर कर देती हैं। जिस पर पोल अथॉरिटी की नजर बनी हुई थी। इसके बाद ट्रांसफर के जुड़ी नई पॉलिसी लागू की गई। चुनाव आयोग ने कहा कि कमीशन की नई ट्रांसफर पॉलिसी की वजह से अधिकारी चुनाव में खलल पैदा नहीं कर सकेंगे।
आयोग ने निर्देश दिया है कि दो संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर भी राज्य यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन अधिकारियों को जिले से बाहर ट्रांसफर किया गया है, उन्हें एक ही संसदीय क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राज्य सरकारों से कहा है कि पॉलिसी का पालन केवल दिखावे के लिए नहीं किया जाए, इसे पूरी तरह से लागू किया जाए। उन्होंने आगे कहा आयोग कि चुनाव में खलल को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रही है।
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