भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है। राष्ट्रीय अधिवेशन में ही इस बात के संकेत मिल गए थे कि भाजपा इस बार हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। राष्ट्रीय अधिवेशन के ठीक अगले दिन 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल क्षेत्र में पहुंचे। यहां कल्कि धाम के मंदिर की नींव रखते हुए भी उन्होंने लोगों को यह याद दिलाया कि राम मंदिर के निर्माण के साथ ही भारत के एक हजार साल के नये युग की नींव रखी जा चुकी है। यही बात भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर पर पास हुए प्रस्ताव में भी कही गई है।
मुस्लिम बहुल इलाके संभल में मोदी ने लोगों को यह याद दिलाया कि भगवान विष्णु के दस अवतारों में हर रूप में भगवान को देखने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे हिंदू संस्कृति की व्यापक सोच बताया, जो हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलने का विचार रखता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन्हें बताया था कि उन्हें इस मंदिर के निर्माण के लिए लगातार रोका जा रहा था। कहा जा रहा था कि यदि उस क्षेत्र में मंदिर बनाया जाएगा, तो वहां की सांप्रदायिक स्थिति खराब हो जाएगी। लेकिन अब वे भाजपा की केंद्र सरकार में बेहद खुशी के साथ मंदिर का निर्माण कर पा रहे हैं। बिना किसी दल या नेता का नाम लिए मोदी ने इशारों-इशारों में यह हमला यूपीए की केंद्र की सरकार और यूपी की समाजवादी सरकार पर किया जिन पर मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगते रहे हैं।
इस कार्यक्रम के साथ ही यह सवाल और ज्यादा गहरा हो गया है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कब भाजपा ज्वाइन करेंगे। उन्हें पार्टी विरोधी बयानबाजी करने के आरोप में पार्टी से छह साल के लिए निकाला जा चुका है, ऐसे में माना जा रहा है कि देर-सबरे वे भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभल में मंच से आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम लेकर उनका महत्त्व बढ़ाया, माना जा रहा है कि भाजपा एक सही अवसर पर उनका इस्तेमाल करेगी।

























