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Ram Mandir; Ramlala’s idol finalized for consecration in Ayodhya on 22nd January | अयोध्या में अरुण योगीराज की बनाई प्रतिमा स्थापित होगी: केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी; कर्नाटक के मूर्तिकार ने इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा भी तराशी

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  • राम मंदिर; 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को अंतिम रूप दिया गया

मैसूर/अयोध्या1 घंटे पहले

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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अरुण योगीराज की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। - Dainik Bhaskar

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अरुण योगीराज की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की है।

अयोध्या में 22 जनवरी को कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई रामलला की मूर्ति स्थापित होगी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने लिखा- जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं। कर्नाटक हनुमान की भूमि है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हनुमान की भूमि कर्नाटक से रामलला के लिए यह एक महत्वपूर्ण सेवा है।

कर्नाटक के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने भी सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने योगीराज को बधाई दी और इसे राज्य के लिए गौरव का पल बताया।

हालांकि, अरुण योगीराज ने बताया कि उन्हें आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा- मुझे खुशी है कि मैं उन मूर्तिकारों में हूं, जिन्हें इस काम के लिए चुना गया।

मूर्ति ऐसी होनी चाहिए थी जिसमें भगवान का दिव्य बाल स्वरूप दिखे। लोग मूर्ति को देखें तो दिव्यता का एहसास हो। बच्चे जैसे चेहरे के साथ-साथ दिव्यता को ध्यान में रखते हुए, मैंने छह से सात महीने पहले काम शुरू किया था।

PM मोदी भी कर चुके हैं काम की तारीफ

अरुण योगीराज ने इंडिया गेट पर स्‍थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी बनाई है।

अरुण योगीराज ने इंडिया गेट पर स्‍थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी बनाई है।

रामलला की प्रतिमा तैयार करने वाले 37 साल के अरुण योगीराज मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं। उन्होंने 2008 में मैसूर विश्वविद्यालय से MBA किया। फिर एक निजी कंपनी के लिए काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा बनाने का काम शुरू किया। उन्हें बचपन से प्रतिमाएं बनाने का शौक था।

अरुण योगीराज ने ही जगदगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया था, जिसे केदारनाथ में स्थापित किया गया है। इंडिया गेट पर 2022 में स्‍थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी अरुण ने ही बनाई है। PM मोदी भी उनके काम की तारीफ कर चुके हैं।

तीन प्रतिमाओं में किया गया चयन
अयोध्या राम मंदिर के गर्भगृह के लिए रामलला की 3 प्रतिमा बनवाई गई थीं। तीनों की लंबाई 51-51 इंच है। तीनों प्रतिमाओं में कमल आसन पर विराजमान रामलला के 5 साल के बाल स्वरूप को दर्शाया गया है। इसमें एक प्रतिमा मकराना पत्थर और दो कर्नाटक के पत्थरों से तैयार किया गया है। मकराना के श्वेत संगमरमर की प्रतिमा को सत्यनारायण पांडेय ने तैयार किया है।

यह अयोध्या के राम मंदिर का गर्भ गृह है। इसी में 22 जनवरी को रामलला विराजेंगे।

यह अयोध्या के राम मंदिर का गर्भ गृह है। इसी में 22 जनवरी को रामलला विराजेंगे।

अरुण ने नीले रंगे की रामलला की मूर्ति बनाई
सूत्रों का कहना है कि अरुण योगीराज ने नीले रंगे की रामलला की मूर्ति बनाई है। इसमें रामलला को खड़े हुए धनुष-बाण लिए दिखाया गया है। प्रतिमा ऐसी है जो राजा के पुत्र की तरह और विष्णु का अवतार लगे। गर्भगृह में रामलला कमल के फूल पर विराजमान होंगे। कमल के फूल के साथ उनकी लंबाई करीब 8 फीट होगी। अभी फाइनल प्रतिमा की फोटो जारी नहीं की गई है।

29 दिसंबर को प्रतिमा चयन को लेकर अपना मत सौंपा था
राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित होने वाली प्रतिमा का चयन 31 दिसंबर को कर लिया गया था। 29 दिसंबर (शुक्रवार) को हुई बैठक के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने 3 प्रतिमाओं पर अपना मत लिखित रूप से महासचिव चंपत राय को दे दिया था।

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