इसी महीने की 19 तारीख को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर ने दिस्सी के 11 जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें मतदान की संभावित तारिख 16 अप्रैल बताई गई थी जिसके बाद चुनाव की तारीखों को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं.
नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा जारी एक आंतरिक नोट में अधिकारियों को लोकसभा चुनाव की तैयारी में विभिन्न गतिविधियों के निर्धारण में सहयोग के लिए 16 अप्रैल को संभावित ‘मतदान तिथि’ के रूप में बताया गया है, जिससे आगामी चुनाव के संभावित कार्यक्रम को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस बारे में पूछे जाने पर स्पष्ट किया कि तारीख का उल्लेख केवल निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ‘प्लानर’ के अनुरूप गतिविधियों की योजना बनाने के वास्ते संदर्भ के रूप में किया गया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दिल्ली के मुख्य निर्वाचन कार्यालय के एक परिपत्र का हवाला देते हुए मीडिया की ओर से कुछ प्रश्न आ रहे हैं और यह स्पष्ट करने को कहा जा रहा है कि क्या 16 अप्रैल लोकसभा चुनाव के लिए संभावित मतदान दिवस है। स्पष्ट किया जाता है कि इस तारीख का उल्लेख केवल अधिकारियों के लिए निर्वाचन आयोग की चुनाव योजना के अनुसार गतिविधियों की योजना बनाने के ‘संदर्भ’ के लिए किया गया था।’’
अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार अब चुनाव आयोग ने ये स्पष्ट किया है कि चिट्ठी में दी गई तारीख केवल रेफरेंस के लिए थी, वो तारीखों की घोषणा नही थी.
दिल्ली के सीईओ ने कहा कि आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक “काल्पनिक तारीख” के तौर पर 16 अप्रैल की तारीख दी गई थी.
सीईओ ने कहा इसका तारीख का चुनावों की असल तारीख से कोई लेनादेना नहीं है, सही समय पर चुनाव आयोग, चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा.

























