
लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने यूपी की 16 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। लिस्ट में धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव, समते कई नाम शामिल हैं।समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 16 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर एक साथ कई संदेश दे दिए हैं. इस सूची को देखकर 5 बातें क्लीयर हो रही हैं. इंडिया गठबंधन की बैठकों के बीच अखिलेश ने सपा कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी करके ये संदेश दिया है कि उन्हें चुनाव में सीट शेयरिंग अपने हिसाब से करनी है. कांग्रेस नाराज होती है तो हो जाए वो यूपी में कोई भाव नहीं देने वाले हैं. पहली बार एटा और फर्रूखाबाद की सीट से यादव प्रत्याशियों को टिकट नहीं दिया गया है. यादव के नाम पर केवल मुलायम परिवार के तीन लोगों को ऐसी सीट दी गई है जहां से समाजवादी पार्टी की जीत लगभग सुनिश्चित रहती है. मतलब साफ है कि परिवार सुरक्षित तो पार्टी सुरक्षित.
अखिलेश यादव ने यह जता दिया है कि उन्हें कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की बिल्कुल भी परवाह नहीं है. इसके पहले भी बिना कांग्रेस की सलाह के समाजवादी पार्टी ने रालोद के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया था. उसके बाद एकतरफा कांग्रेस के लिए 11 सीटें ऑफर कर दी गईं. जाहिर है कि यह सब कांग्रेस को चिढ़ाने वाला ही अंदाज कहा जाएगा.यूपी में गठबंधन को लेकर अभी सस्पेंस बन ही रहा था कि अब अखिलेश यादव ने 16 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इन 16 सीटों में करीब 3 सीटें ऐसी हैं जहां से कांग्रेस अपने उम्मीदवार घोषित कर सकती थी. फर्रूखाबाद -उन्नाव और अयोध्या से कांग्रेस अपने उम्मीदवार घोषित कर सकती थी. इन सीटों से कांग्रेस के प्रत्याशी हाल के दौर तक जीतते रहे हैं. उन्नाव से अनू टंडन कांग्रेस से एमपी रह चुकीं हैं. फर्रुखाबाद कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का गढ़ रह चुका है. अयोध्या से 2014 और 2019 के पहले कांग्रेस 2029 में कांग्रेस की सीट रही है.दरअसल इन तीनों सीटों से समाजवादी पार्टी का कोई ऐसा प्रत्याशी नहीं है जो जीतता हुआ नजर आ रहा हो या बहुत मजबूत स्थित में हो.

























