

आरोपी लेखपाल सीमा देवी
बरेली में भ्रष्टाचार के मामले थम नहीं रहे हैं। एंटी करप्शन टीम ने एक महिला लेखपाल को गिरफ्तार किया है। वह शुक्रवार सुबह एडीएम प्रशासन के आवास के पास किसान से रिश्वत ले रही थी। इसी दौरान उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया। लेखपाल के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि इज्जतनगर के आलोकनगर निवासी निगम कुमार कुलश्रेष्ठ ने 19 दिसंबर को एंटी करप्शन कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत की थी। शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी अलका कुलश्रेष्ठ ने ग्राम मकरनंदापुर ब्लॉक भोजीपुरा में भूमि 25 मई 2022 को खरीदी थी। अपनी भूमि में जाने के लिए बराबर के भूमि मालिक विजयपाल की भूमि के निकलने के रास्ते के लिए रजिस्ट्री कराई। दाखिल खारिज कराने के लिए मकरंदापुर की तहसील सदर की लेखपाल सीमा राजपूत पत्नी सत्यदेव राजपूत को नियुक्त किया।लेखपाल सीमा देवी इसके लिए निगम कुमार को कई महीने से टरका रही थी।आरोप है कि काम कराने के बदले उनसे पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी गई। उन्होंने रुपये देने से मना किया तो लेखपाल सीमा ने उनके काम को टालना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सभी जगहों से अनुमति लेने के बाद उन्होंने पांच हजार रुपये पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया और एक कागज में बंद कर निगम कुमार को दे दिए।
इसके बाद फोन पर निगम ने महिला लेखपाल से बात की और काम करने को कहा। इसके बाद लेखपाल सीमा ने उन्हें तहसील में बुलाया। निगम के साथ में एंटी करप्शन टीम के सदस्य भी महिला के आस-पास जाकर बैठ गए। सीमा ने सभी दस्तावेज लिए और इशारे से पांच हजार रुपये मांगे।
अपर जिलाधिकारी के सरकारी आवास के सामने किया गिरफ्तार
शिकायतकर्ता ने फिनाफ्थलीन लगे हुए 500-500 रुपये के 10 नोट निकालकर उसे दे दिए। रुपयों को अपनी जैकेट की जेब में रखकर वह तहसील से बाहर जाने लगी। तभी टीम के सदस्यों ने उसे रोका और बैग की तलाशी ली लेकिन बैग में कुछ भी नहीं मिला। इसके बाद महिला लेखपाल ने टीम से बैग छीना और तुरंत एक ऑटो में बैठकर जाने लगी। एंटी करप्शन टीम के सदस्य भी उस ऑटो में बैठ गए और एडीएम आवास के सामने जाकर लेखपाल को ऑटो से उतार लिया। जब टीम ने अपना परिचय दिया तो महिला लेखपाल ने स्वयं ही जैकेट से निकालकर वह पांच हजार रुपये दे दिए।
इसके बाद टीम ने जब नोटों के नंबरों का मिलान किया तो वह वही नोट थे जो पाउडर लगाकर शिकायतकर्ता को दिए गए। इसके बाद टीम ने आरोपी महिला लेखपाल को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। उसके विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर उसे जेल भेजा गया है।

























