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औबेसी से लेकर मौलाना तक के बदले सुर,बोले कानून अपना काम करेगा,ताबड़तोड़ एक्शन का दिखने लगा असर,

हिंसा को लेकर जमात ए उलेमा हिंद का बड़ा बयान,असदुद्दीन ओवैसी, मदनी जैसे लोगों ने बच्चों को भड़काया, 

नई दिल्ली: पैगंबर मोहम्मद पर नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इस पर जमात ए उलेमा हिंद ने कहा कि इस हिंसा के पीछे असदुद्दीन ओवैसी और मदनी जैसे लोगों का हाथ है। ऐसे लोगों ने बच्चों को भड़काया।देश भर में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं पर जमात उलमा ए हिन्द ने यह प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

जमात उलमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सुहैब कासमी ने कहा कि बीजेपी की पूर्व नेता नुपुर शर्मा, जिन्होंने कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी की थी, उनको इस्लाम के अनुसार माफ कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुस्लिम विद्वानों का संगठन उनकी टिप्पणी के मद्देनजर देशव्यापी विरोध से असहमत था.

जमात उलमा ए हिंद ने शुक्रवार की नमाज के बाद शर्मा की टिप्पणी पर देशव्यापी विरोध को लेकर आज दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई. सुहैब कासमी ने कहा कि देश के अधिकतर मुस्लिम संगठन केवल 20 करोड़ मुसलमानों की बात करते हैं, वो 135 करोड़ भारतीयों को बात नहीं करते. 10 जून को पूरे देश में एक ही तरह से धरना प्रदर्शन शुरू हो गया. किसी एजेंडे के तहत दंगे किए गए. मदनी और ओवैसी जैसे लोग घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, सबके सब गायब हो गए, बच्चों को दंगे करने के लिए छोड़ दिया.उलेमा हिंद के अध्यक्ष सुहैब कासमी ने मीडिया से  कहा कि ओवैसी और मदनी जैसे लोगों ने बच्चों को भड़काया। 20 साल के बच्चों को भड़का कर सड़क पर छोड़ा। एक ही अंदाज में प्रदर्शन का एजेंडा लगता है। ओवैसी मुस्लिम के नाम पर मलाई खा रहे हैं, मौजूदा सरकार में उनकी कमाई नहीं हो रही है। इसमें देश को तोड़ने की साजिश करने वालों का हाथ है। दोनों के खिलाफ फतवा जारी करेंगे।

देशभर में जुमे के दिन हुई हिंसा के बाद आरोपियों पर एक्शन जारी है लेकिन प्रयागराज से लेकर रांची तक हुई हिंसा का एक मॉड्यूल सामने आया है।हिंसा में बच्चों को आगे किया गया। उनको ढाल बनाया गया। गुरिल्ला तकनीक से सुनियोजित हिंसा हुई। 

असदुद्दीन ओवैसी ने कह दी बड़ी बात

रांची में शुक्रवार, जुमा को हुई भारी हिंसा पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ी बात कही है। भाजपा की निलंबित नेत्री नुपुर शर्मा के बारे में भी उन्‍होंने सरकार से खास मांग की। उन्‍होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि रांची में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग हुई, ऐसा नहीं होना चाहिए था। लोकतंत्र के लिए यह अनिवार्य है कि कोई हिंसा न हो और इसे रोकना सरकार का कर्तव्य है। आवैसी ने आगे कहा कि धर्म के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियों के लिए नुपुर शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, कानून अपना काम करेगा। हमें नुपुर शर्मा की माफी की जरूरत नहीं है।

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