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“आचमन” ने ओपन माइक कार्यक्रम ‘अभ्युदय’ के माध्यम से नवोदित कवियों को किया मंच प्रदान।

भारतीय संस्कृति व साहित्य के प्रति लोगों की रुचि दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। लोग भौतिकवादी चकाचौंध में साहित्य और कविताओं से दूर होते जा रहे हैं। इससे हमारी संस्कृति भी प्रभावित हो रही है। खासकर, कुछ लोग साहित्य व कविताओं से इसलिए दूरी बना लेते हैं, क्योंकि उन्हें कोई मंच नहीं मिल पाता है। ऐसे लोगों को बदायूँ की विश्व विख्यात कवियत्री डॉ सोनरूपा विशाल ने एक मंच देने की ठानी है और इसके लिए उन्होंने “आचमन” नाम से संस्था की स्थापना की है। इस संस्था का मुख्य मकसद साहित्य के प्रचार-प्रसार के साथ ही छोटे पिछड़े गांव कस्बों के नवोदित कवियों की रचनाओं को समृद्ध बनाना है।

इसके लिये कल आचमन संस्था द्वारा साहित्य से लगाव रखने वाले नवोदित कवियों को मंच देते हेतु ओपन माइक कार्यक्रम ‘अभ्युदय’ का आयोजन बदायूँ क्लब में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में बदायूँ जनपद के विभिन्न कस्बों से नवोदित प्रतिभागियों (कविओं) ने भाग लिया।बिल्सी,सहसवान,बिसौली,जनपद बदायूँ, बज़ीरगंज, उझानी, दातागंज के प्रतिभागियों ने मनहर काव्य पाठ करके कार्यक्रम के उद्देश्य को पूर्णता प्रदान की।इस कार्यक्रम की ये विशेष बात रही कि इसमें केवल मौलिक और अच्छा लिखने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया।
‘अभ्युदय’ कार्यक्रम में प्रतिभागियों को उचित दिशा निर्देशन हेतु ओज के प्रसिद्ध कवि श्री कुलदीप अंगार,युवा गीतकार श्री अभिषेक अनंत एवं ग़ज़लकार श्री शराफ़त समीर जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्री कुलदीप अंगार ने अपनी रचना के माध्यम से ‘कविता क्या होती है’ इस विषय पर अद्भुत विचार प्रेषित किये।जो निसंदेह नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय हैं।अभिषेक अनंत ने नवोदित कवियों से कहा कविता में भाव जब तक नहीं होंगे तब तक कविता हृदयहीन रहेगी। शराफत समीर ने उर्दू अदब के विख्यात शायर श्री इरफ़ान सिद्दीक़ी के शायरी पर वक्तव्य के माध्यम से नवोदित रचनाकारों के सामने भविष्य में लेखन में ध्यान रखने योग्य विचार रखे।
आचमन संस्था की ओर से डॉ. उर्मिलेश की धर्मपत्नी श्री मती मंजुल शंखधार ने अतिथियों का सम्मान किया।
कार्यक्रम में वीर रस के कवि अखिलेश ठाकुर, उर्दू ग़ज़लकार सचिन ‘सादिक़’, अमन ‘अधीर’, अनिकेत यादव, अन्विता, शालिनी सक्सेना, प्रियांशी,गीतकार मयंक चौहान , उज्ज्वल वशिष्ठ , मिथिलेश ‘मीत’, अजीत सुभाषित, पुष्पराज यादव आदि नए कलमकारों ने अपनी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम में समां बांध दिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं संयोजन युवा कवि केशव सक्सेना ने किया।
अंत में इस कार्यक्रम की परिकल्पक एवं आचमन संस्था की संस्थापक डॉ. सोनरूपा विशाल ने सभी का आभार व्यक्त किया और घोषणा की कि ‘अभ्युदय’ कार्यक्रम के समस्त प्रतिभागियों को 24 अप्रैल को होने वाले कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में पूर्व राज्य सभा सांसद एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री उदय प्रताप सिंह जी द्वारा प्रमाण पत्र दिलवाया जायेगा।

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