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जिला जेल में कथा व्यास जगद्गुरु श्री रामचन्द्राचार्य जी ने बन्दियों से बुरे कामों से दूर रहकर सच्चाई के रास्ते पर चलने की दी नसीहत,जेल में हुआ सत्संग, बंदियों को तनावमुक्त रहने की सलाह,

बदायूँ।जिला जेल बदायूँ में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्द्राचार्य जी पुष्कर पीठाधीश्वर श्री त्रिदण्डि देव सेवाआश्रम- राधाकृष्ण मन्दिर बेहटा जंगल, शाहजहांपुर उ.प्र., व सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम बिल्सी के महंत श्री मटरू मल शर्मा(महाराज),स्वदेश केसरी न्यूज इंडिया प्रा. लिमिटेड दिल्ली के डारेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा की ओर से जेल में बंदियों के लिए सत्संग का आयोजन किया गया। कथा व्यास श्री रामचन्द्राचार्य जी महाराज ने बंदियों को मानसिक तनाव से उबरकर प्रभु का चिंतन कर अपने जीवन को सफल बनाने को प्रेरित किया। प्रभु का चिंतन करने से मनुष्य हर गंभीर से गंभीर समस्या से निजात पा सकता हैं।

कथा व्यास ने अपने प्रवचन के माध्यम से सभी बन्दियों को बुरे कामों से दूर रहने की प्रेरणा दी और कहा कि हर व्यक्ति को सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म भी कारागार में ही हुआ था,ऐसे ही अनेकों महापुरुष भी कारागार में आये और यहां से तपकर निकले तो सोना बन गए,भगवान बाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए, महात्मा गांधी, जैसे महापुरुष भी अनेकों बार जेल गए। ऐसे ही आप सभी को भी जो हुआ, जिस कारण से हुआ उसको भूलकर अपनी गलती मानकर आगे के जीवन में हमेशा नीति युक्त कार्य करना चाहिए क्योंकि अनीति सदैव सर्वनाश की ओर ले जाती है।मनुष्य योनि में जन्म लिया है तो मनुष्य बनकर ही जिएं, अब अपने मन मे अपराधी का बोध न मानें, जब जागे तभी सबेरा मानकर नए जीवन का बोध मानकर समाज मे रहें, उन्होंने जेल अधीक्षक डॉ विनय कुमार को इसके लिये धन्यवाद देते हुए कहा कि जैसे शरीर के रोगी होने पर डॉ की औषधि की जरूरत होती है, उसी प्रकार मन रोगी हो जाये तब सत्संगी,महात्माओं, ऋषि मुनियों, महापुरुषों के सत्संगों,धार्मिक अनुष्ठानों,पूजापाठ रूपी औषधि की आवश्यकता होती है, जिससे मन मे आये नकारात्मक विकारों को सकारात्मक विचारों से उपचार होता है।उन्होंने बन्दियों से कहा कि आज की यह व्यवस्था भी आज आपके जेल अधीक्षक ने की है,इसके लिये सभी कैदियों को अपने ऐसे अधिकारियों को धन्यवाद करना चाहिए। सभी बंदियों ने सत्संग को ध्यानपूर्वक सुना व अपने जीवन में सत्संग में बताए गए। गुणों को अपनाने का व बुराई को छोड़कर सतमार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

मेडिटेशन कार्यक्रमों का होता है आयोजन :
डॉ विनय कुमार अधीक्षक, बदायूँ जेल ने बताया कि जेल पर समय-समय पर इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिससे बंदियों को तनाव से मुक्त किया जा सके। इसके अतिरिक्त सभी बंदियों को प्रतिदिन योगाभ्यास भी करवाया जाता है , धार्मिक व मेडिटेशन कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। मौके पर अरुण कुमार कुशवाहा ,उप-अधीक्षक जेल,सीओ जेल के पी चंदेला,डिप्टी जेलर,डिप्टी जेलर के पी तुरैहा,आरक्षी संजय मिश्रा, सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महंत श्री मटरू मल शर्मा,(महाराज)
स्वदेश केसरी न्यूज के एडिटर इन चीफ प्रदीप कुमार शर्मा, डॉ विभोर पाराशर, जिला संवाददाता स्वदेश केसरी न्यूज -राहुल पाठक,मौजूद रहे।

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