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श्रीकृष्ण ने पूतना काे मारा नहीं, उद्धार किया-जगद्गुरू स्वामी रामचन्द्राचार्य,बिल्सी में भागवत कथा सुनने गाजियाबाद, दादरी,मथुरा,बिसौली,कछला से पहुंचे श्रद्धालू,

बिल्सी (बदायूँ)श्री बालाजी धाम बिल्सी के तत्वाधान में ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन पुष्कर पीठाधीश्वर जगद्गुरू श्री रामानुजाचार्य, स्वामी रामचन्द्राचार्य महाराज ने भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया। स्वामी रामचन्द्राचार्य ने कथा सुनाते हुए कहा कि सुख के साथी तो सब होते हैं। सुख सबको चाहिए, लेकिन दुख का सहभागी कोई नहीं होता। पुण्य सबको चाहिए, लेकिन पाप किसी को नहीं चाहिए। लेकिन हमारे गोविंद, भक्तों के अनेकों जन्मों के अर्जित पाप को भी चुरा लेते हैं।

उन्होंने पूतना उद्धार के बारे में बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में जन्म लेने के बाद गोकुल मां यशौदा और नंदबाबा के यहां जाकर बाल लीलाएं की। वहीं कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए अलग अलग क्षेत्रों में धुरंधर योद्धा राक्षस पहुंचाए, बहीं गोकुल में उसने राक्षसी पूतना को भेजा। पूतना स्तनों में विष लगाकर गोकुल आई, और भगवान को लाड़ दुलार के बहाने पालना से उठाकर ले गई। उसके बाद में उसने श्रीकृष्ण को अपना दूध पिलाया, लेकिन भगवान को कुछ असर नहीं हुआ और दूध पीते-पीते उसका उद्धार कर दिया। उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि पूतना तो पाप का ही रूप है, परंतु सुंदर ग्वालिन बनकर आती है। हालांकि भगवान ने उसको देखते ही अपने नेत्र बंद कर लिए और लीला करते हुए उसका उद्धार कर दिया।

भागवत की आरती सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के महन्त मटरू मल शर्मा महाराज,गुरुमाता शांति देवी ने की आरती के पश्चात कथा को विराम दिया दिया गया।आज के प्रसाद का वितरण मथुरा से पधारे संजय अग्रवाल श्री बालाजी भगवान के भक्त के सौजन्य से रहा।

कथा में बिसौली, मथुरा,गाजियाबाद, दादरी,कछला,बदायूँ से श्रद्धालु कथा का रसपान करने को आये,सुरेश चन्द्र भट्टे बाले ,बाँबी सेठ , गोपाल जी बिसौली,कछला से मुकेश,गाजियाबाद से गौरभ गर्ग,दादरी से तिरलोक गर्ग, डॉ गोपाल,अनीता गर्ग,लतेश (लता)गोयल, मथुरा से संजय अग्रवाल, बदायूँ से प्रदीप शर्मा, ओजित शर्मा, संजीव शर्मा, राजीव शर्मा, यश भारद्वाज ,राजीव शर्मा ,पुश्किन माहेश्वरी,देव वार्ष्णेय, कुशाग्र माहेश्वरी,दीपक बाबा, देवांश सोमानी, शिवकुमार,सनुज,रंजन, जितेंद्र, राजेश, स्वतंत्र राठी,संदीप मिश्रा, श्री कांत मिश्रा, शांति देवी,मंजुला शर्मा,रीनू ,मनीषा, रेखा,कल्पना,ममता राठी,सारिका राठी, धरती माहेश्वरी, मोहित देवल,देव वार्ष्णेय, मुकेश गुप्ता,प्रवीण वार्ष्णेय, विशाल खाशट, राजा बाबू वार्ष्णेय,अनूप माहेश्वरी, रोहित माहेश्वरी, लालू,टिंकू,आकाश,चारू सोमानी,नरेंद्र गरल,आशीष बशिष्ठ,गिरीश,मुनीश,सुभाष बाहेती, सुवीन माहेश्वरी, हरिश्व्वर राठी,चंद्रपाल माहेश्वरी, आदि हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे।

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