- श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सात दिवसीय सत्संग का हुआ शुभारंभ
महोली (सीतापुर)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कठिना तट स्थित श्रीराधाकृष्ण धाम प्रज्ञानं सत्संग आश्रम में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के यजमान हनुमान प्रसाद दीक्षित ने सपत्नीक, कथा व्यास स्वामी ओमकारानंद सरस्वती जी का तिलक वंदन किया।
कार्यक्रम के पहले दिन श्रीमद्भागवत महापुराण पर चर्चा करते हुए महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती के कृपा पात्र शिष्य स्वामी ओमकारानंद सरस्वती ने कथा के शुभारंभ अवसर पर कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा अमरत्व प्रदान करने वाली है।
श्रीमद्भागवत महापुराण की शरण में आने से मुक्ति प्राप्त होती है। स्वामी जी ने कहा कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य धारण करने वाले को आत्मतत्व की प्राप्ति संभव होती है। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर आश्रम समिति के संरक्षक डाॅ. रामजीदास टंडन, अध्यक्ष अवधेश वर्मा, पुजारी धर्मेंद्र मिश्र, राम किशोर मिश्र, मधुसूदन मिश्र, अवधेश त्रिवेदी, विशंभर दयाल त्रिवेदी, राजेंद्र तिवारी, राजीव पाल, यदुनाथ कश्यप, हेमनाथ, सजनी टंडन, सरिता गुप्ता आदि श्रृद्धालु मौजूद रहे।



























