योगी मंत्रिमंडल का जल्द ही विस्तार किया जा सकता है. माना जा रहा है कि यूपी कैबिनेट का विस्तार भी उसी मॉडल पर किया जा सकता है, जैसे केंद्र में मोदी कैबिनेट का हुआ है. जिसमें जातीय, क्षेत्रीय समीकरण के साथ युवाओं को अधिक मौका दिया जा सकता है.
क्या है मोदी मॉडल? बता दें कि हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है. इस दौरान उम्रदराज मंत्रियों और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. वहीं, जातीय समीकरण को देखते हुए युवाओं को मौका दिया गया है. इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या भी बढ़ाई गई है. वहीं, उत्तर प्रदेश से भी करीब 7 नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. अब केंद्र सरकार में करीब एक दर्जन मंत्री ऐसे हैं, जो यूपी से आते हैं.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है. योगी मंत्रिमंडल का जल्द ही विस्तार किया जा सकता है. माना जा रहा है कि यूपी कैबिनेट का विस्तार भी उसी मॉडल पर किया जा सकता है, जैसे केंद्र में मोदी कैबिनेट का हुआ है. जिसमें जातीय, क्षेत्रीय समीकरण के साथ युवाओं को अधिक मौका दिया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, इसी महीने के अंत तक योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. संगठन की ओर से 25, 26 और 30 जुलाई की तारीख का प्रस्ताव दिया गया है. अब किस दिन विस्तार होना है, इसपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही मुहर लगाएंगे.
मोदी मॉडल के अनुसार इन नेताओं की होगी एंट्री
उत्तर प्रदेश की सरकार में अब उन नेताओं को जगह मिल सकती है, जिन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई है. ताकि बिगड़े हुए संतुलन को फिर ठीक किया जा सके. इनमें सबसे पहला नाम निषाद पार्टी के संजय निषाद का है. संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है, ऐसे में अब संजय निषाद को यूपी कैबिनेट में जगह देकर इसकी भरपाई की जा सकती है.
इसके साथ ही 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राजभर समुदाय के किसी नेता को यूपी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है. पहले ओमप्रकाश राजभर मंत्रिमंडल का हिस्सा थे, लेकिन अब उन्होंने अपना अलग मोर्चा बना लिया है. इनके अलावा बीजेपी की नज़र ब्राह्मण चेहरे पर भी टिकी है, क्योंकि हाल ही में बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी तीनों ने ही ब्राह्मण समुदाय को लुभाने की कोशिश की है.
जितिन प्रसाद की एंट्री भी मुमकिन
योगी सरकार में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जितिन प्रसाद की एंट्री हो सकती है, उन्हें विधानपरिषद के जरिए मंत्रिमंडल में लाया जा सकता है. वहीं, कायस्थ समुदाय को साधने के लिए ओपी श्रीवास्तव का नाम सबसे आगे चल रहा है.
दरअसल, यूपी सरकार में सात मंत्रियों के लिए जगह खाली है. ऐसे में बीजेपी की कोशिश है कि जातीय, क्षेत्रीय समीकरण को इनके जरिए साधा जाए. साथ ही यूपी मंत्रिमंडल में एक महिला नेता की भी एंट्री हो सकती है.
किस-किसकी हो सकती है छुट्टी?
अगर उन नेताओं की बात करें, जिनकी यूपी सरकार से छुट्टी हो सकती है. उसमें भी मोदी सरकार के मॉडल को अपनाया जा सकता है, जिसमें उम्रदराज और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है. इस दौरान उम्रदराज मंत्रियों और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. वहीं, जातीय समीकरण को देखते हुए युवाओं को मौका दिया गया है. इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या भी बढ़ाई गई है. वहीं, उत्तर प्रदेश से भी करीब 7 नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. अब केंद्र सरकार में करीब एक दर्जन मंत्री ऐसे हैं, जो यूपी से आते हैं.


























