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जिला स्तर पर लॉकडाउन की तैयारी करें राज्य…’, केंद्र सरकार का निर्देश,यूपी में कोरोना से बिगड़े हालात: पिछले 24 घंटे में सामने आए 918 केस

नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते केंद्र सरकार ने राज्यों को हिदायत देते हुए कहा है कि वे माइक्रो कंटेनमेंट जोन्स तक ही सीमित न रहें, बल्कि जिला स्तर पर लॉकडाउन जैसी बंदिशें भी लगा सकते हैं। कई जिलों में कोरोना संक्रमण में तेजी के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने यह हिदायत दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की तरफ से सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर यह बात कही गई है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि कोरोना की नई लहर जिस रफ़्तार से बढ़ रही है, उससे हमारे स्वास्थ्य ढांचे के ही चरमराने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इस अवसर पर किसी भी किस्म की ढिलाई की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके साथ ही पत्र में माइक्रो कंटेनमेंट जोन्स की रणनीति से आगे बढ़ते हुए बड़े कंटेनमेंट जोन्स पर कार्य करने की बात भी कही गई है। पत्र में कहा गया है कि, ‘जहां केसों का क्लस्टर है, वहां लोगों या परिवारों को केवल क्वारेंटाइन में भेजना ही विकल्प नहीं है। ऐसे मामलों में बड़े कंटेनमेंट जोन्स तैयार करने की आवश्यकता है, जिनका सीमा स्पष्ट हो और सख्ती से बंदिशों को लागू किया जाए।

पत्र में लिखा गया है कि, कंटेनमेंट जोन्स में नियंत्रण के लिए सख्त पैमाने होने चाहिए। यह बंदिशें कम से कम से 14 दिनों के लिए लागू की जानी चाहिए ताकि संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सके।’ बता दें कि गत वर्ष लगाए गए लॉकडाउन के बाद यह पहला मौका है, जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़े कंटेनमेंट जोन्स तैयार करने और जिला स्तर पर लॉकडाउन लागू करने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान 64,519 कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसमें 918 लोग संक्रमित पाए गए। होली पर्व के कारण बीते 24 घंटे में कम सैंपल की जांच होने की वजह से रोगी भी कम पाए गए हैं। बीते सोमवार की अगर बात करें तो 1.19 लाख लोगों की जांच में 1368 और रविवार को 1.46 लाख लोगों की जांच में 1446 संक्रमित पाए गए थे। वहीं ढाई महीने बाद कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। मंगलवार को 10 कोरोना संक्रमित रोगियों की मौत हुई। इससे पहले 12 जनवरी को 12 मरीजों की मौत हुई थी। अब एक्टिव केस भी बढ़कर 9,195 हो गए हैं।

इन जिलों में भी बढ़े केस

वहीं राजधानी लखनऊ की अगर बात करें तो यहां फिर सबसे ज्यादा 446 रोगी मिले हैं। जिसके बाद अब लखनऊ में कुल रोगियों की संख्या 2919 पहुंच गई है। राजधानी सहित 19 जिलों में कोरोना के रोगी बढ़े हैं। जिन जिलों में मरीज बढ़ रहे हैं, उनमें वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर, झांसी, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, रायबरेली, उन्नाव, फिरोजाबाद, ललितपुर, बाराबंकी और आजमगढ़ शामिल हैं।

अबतक के आंकड़े

अब तक की अगर बात करें तो प्रदेश में कुल 3.47 करोड़ लोगों की कोरोना संक्रमण की जांच की जा चुकी है। जिसमें प्रदेश के कुल 6.15 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से 5.98 लाख रोगी ठीक हो चुके हैं। जबकि 8800 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अब रिकवरी रेट घटकर 97 फीसद हो गया है। मार्च के पहले हफ्ते में यह 98 प्रतिशत से ज्यादा था।

देश में कोविड-19 की दूसरी लहर ने गवर्नमेंट की परेशानी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यों को चेतावनी देते हुए बोला कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के कारण हालात बद से बदतर हो रहे हैं। केंद्र ने बोला कि पूरा देश जोखिम में है और हर किसी को सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार ने बोला कि कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित 10 जिलों में से 8 महाराष्ट्र से हैं और दिल्ली भी एक जिले के रूप में इस सूची में शामिल है। केंद्र ने ऐसे में सभी राज्यों को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने और वैक्सीनेशन कवरेज 100 प्रतिशत तक करने को बोला है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा, ‘कोरोना वायरस से संबंधी स्थिति बद से बदतर हो रही है। बीते कुछ सप्ताह में, खासकर कुछ राज्यों में, यह एक बड़ी चिंता विषय है। किसी भी राज्य, देश के किसी भी हिस्से या जिले को सबधाणी बरतना चाहिए।’ वी के पॉल ने कहा, ‘हम काफी अधिक गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं, निश्चित तौर पर कुछ जिलों में, लेकिन पूरा देश जोखिम में है, इसलिए रोकने (संक्रमण के प्रसार को) और जीवन बचाने के सभी प्रयास किए जाने चाहिए।

स्वास्थ्य सचिव ने 10 राज्यों को लिखी चिट्ठीस्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इस केस में सभी राज्यों को चिट्ठी लिखी है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बोला- ‘जिन 10 जिलों में सर्वाधिक सक्रीय मामले हैं, उनमें पुणे (59,475), मुंबई (46,248), नागपुर (45,322), ठाणे (35,264), नासिक (26,553), औरंगाबाद (21,282), बेंगलुरु नगरीय (16,259), नांदेड़ (15,171), दिल्ली (8,032) और अहमदनगर (7,952) शामिल हैं। भूषण ने यह भी बोला है कि तकनीकी रूप से दिल्ली में कई जिले हैं, लेकिन इसे एक जिले के रूप में लिया गया है।

अभी सब ठीक नहीं हुआ, सावधानी बरतें-हर्षवर्धन:

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ। हर्षवर्धन ने बोला कि देश मे बहुत लोगों को लगता है कि कोविड वायरस के विरुद्ध वैक्सीन आ गयी है। अब सब ठीक हो गया है यानी लोग कोरोना को अब गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लोग कोरोना वायरस को हल्के में ले रहे हैं। सुपर स्प्रेडर इवेन्ट्स हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 20 लाख बेड बनाए गए हैं। भारत सरकार सभी मामले को गहराई से देख रही है। बीते सप्ताह 47 जिलों के साथ मीटिंग हुई थी।

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