लखनऊ। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों ने एक बार फिर से शासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच बढ़ाने, निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय करने के साथ ही फैसला किया गया है कि होली पर कक्षा आठ तक के जो स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए थे, वह अब रविवार यानी चार अप्रैल तक बंद रहेंगे। वहीं, अन्य शैक्षिक संस्थान कोविड-19 प्रोटोकॉल के सख्ती से पालन के साथ खोले जाएंगे।
अन्य राज्यों की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए पिछले दिनों होली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। 23 मार्च को उन्होंने निर्देश दिया था कि कक्षा आठ तक के सभी निजी, सरकारी और अर्धसरकारी स्कूल 24 से 31 मार्च तक, जबकि मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज छोड़कर बाकी सभी शिक्षण संस्थान 25 से 31 तक बंद रहेंगे। उस आदेश के मुताबिक, सभी शिक्षण संस्थान एक अप्रैल यानी गुरुवार से खुलने थे। मगर, तमाम सावधानियों और सतर्कता के बावजूद कोरोना के केस बढ़ रहे हैं।
होली पर्व मनाकर गोरखपुर लौटे मुख्यमंत्री ने भी अपने सरकारी आवास पर बैठक कर हालात की समीक्षा की। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि कुछ जिलों में संक्रमण के अधिक मामलों को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि कक्षा आठ तक के सभी स्कूल अगले रविवार यानी चार अप्रैल तक बंद रहेंगे। वहीं, अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षक, स्टाफ और विद्यार्थियों को शारीरिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा सभी वार्ड और ब्लॉक में निगरानी समितियों की सक्रियता बढ़ाई जा रही है। त्योहार पर दूसरे राज्यों से आने वालों की कॉन्टेक्ट ट्रेङ्क्षसग, जांच आदि गंभीरता से कराने के लिए कहा गया है।वहीं अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को हुई ऑनलाइन बैठक में पांच अप्रैल से क्लास शुरू करने का निर्णय लिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए मांटेसरी से लेकर कक्षा 12 तक के स्कूल खोलने को लेकर तैयारी पूरी है। मगर इस सप्ताह अवकाश अधिक होने के कारण अधिकांश स्कूल संचालक सोमवार से स्कूल खोलने के पक्ष में हैं। अनिल ने बताया कि अगर इस दरम्यान इस संबंध में सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी होते हैं तो एसोसिएशन द्वारा उसी अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
टीका लगवाने के लिए निजी कर्मियों को भी अवकाश : टीकाकरण के लिए जो लक्ष्य है, उसकी तुलना में जनता में जागरुकता कुछ कम नजर आ रही है। अब टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए सरकार ने नया तरीका सोचा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि टीकाकरण कराने वाले सरकारी कर्मी को अवकाश अनुमन्य किया जाए। इसी तरह निजी क्षेत्र के कर्मियों के लिए भी टीका लगवाने के लिए अवकाश की व्यवस्था करें।


























