- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ का खाता एसबीआइ बबराला में है संचालित, दो सालों में जमा 26 चेक तथा 13 बार नकदी खाते में ट्रांसफर नहीं
- अधिशासी अभियंता की तहरीर पर एसबीआइ के मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज, विवेचना में जुटी पुलिस
संवाददाता, सम्भल : पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ के बबराला एसबीआइ में संचालित खाता में तकरीबन 24 लाख रुपये की रकम जमा नहीं की गई। रकम गायब है और दो साल से दोनों विभागों में लंबी खींचतान चली। जब बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय स्तर से भी कोई कार्रवाई या जांच नहीं हुई तो बबराला के अधिशासी अभियंता ने एसबीआइ के मैनेजर के खिलाफ गुन्नौर कोतवाली में आइपीसी की धारा 409 (विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस विवेचना में जुट गई है। मामला 2018 से 2019 के बीच है। कुल 26 बार चेक जमा हुए जबकि 13 बार नकद धनराशि जमा करने का दावा बिजली विभाग ने किया था।
पुलिस को दी गई तहरीर में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि दिनांक 2 अगस्त 2018 से लेकर 27 अगस्त 2019 के बीच बैंक में बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक तथा सिंडीकेट बैंक के 26 चेक जमा किए गए। इसके अलावा 28 दिसंबर 18 से 28 नवंबर 19 के बीच 13 बार नकद धनराशि जमा हुई। तहरीर के अनुसार यह धनराशि खाते में जमा नहीं की गई। जब इसका निपटारा बैंक स्तर से नहीं हुआ तो क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत हुई। वहां से भी इसका समाधान नहीं किया गया। अब विभाग ने बैंक मैनेजर के खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी। गुन्नौर इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि एफआइआर दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
19.23 लाख के थे चेक
सम्भल : दो साल में कुल 26 चेक जमा किए गए। इसकी कुल धनराशि 19,23,363 रुपये थी। इसके अलावा दो साल में 13 बार नकद धनराशि जमा की गई। इसके तहत 5,10,961 रुपये जमा किए गए थे।
दो कैशियर को पैसे देने का दावा
सम्भल : तहरीर के अनुसार बिजली विभाग ने बैंक के कैशियर महेंद्र पाल को छह बार जबकि भगवत सिंह को सात बार धन दिया लेकिन यह पैसा जमा नहीं किया गया। इसकी कुल धनराशि 5.10 लाख रही।
सबसे अधिक बीओबी के चेक
सम्भल : कुल 26 चेक में से 13 चेक बैंक ऑफ बड़ौदा के रहे जबकि एचडीएफसी के तीन, सिंडीकेंट के दो, पीएनबी के तीन, सिंडीकेंट बैंक के दो, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के दो तथा इलाहाबाद बैंक का एक चेक रहा।
24 लाख की धनराशि जमा नहीं की गई है। क्षेत्रीय कार्यालय को भी इससे अवगत कराया गया था तथा खाते में रुपये देने को कहा था लेकिन नहीं किया गया। पत्रों का भी जवाब नहीं दिया गया। लाॅक डाउन में गतिविधि ठप रही थी। अब एफआइआर कराया गया है।
जेपी यादव अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड बबराला
मुझे इसके बारे में जानकारी नही है। यह मेरे आने से पहले का मामला है। मुझे अभी यहां आए आठ से नौ माह ही हुए है।
भीम सिंह मैनेजर एसबीआइ बबराला
शिकायत आई थी। विभागीय स्तर पर जांच कराई जा रही है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सच्चाई क्या है। बैंक की तरफ से यदि कोई दोषी मिला तो उस पर कार्रवाई होगी।
आरडी सिंह एजीएम एसबीआइ रामपुर


























