स्वदेश केसरी अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि अपने परिवार हित में अपने वाहन को नियंत्रित गति पर ही चलायें, खासतौर से अभी के मौसम (कोहरे) में भी,आप कहीं भी 1 या दो घण्टे लेट पहुंच सकते हैं पर सुरक्षित पहुंच सकते हैं, हमारी गति हमारे बच्चों से ज्यादा कीमती नहीं है तो प्लीज इस घटना को ध्यान रखते हुए अपने सभी परिजनों,मित्रों, निकटतम सुभचिंतको को भी यही बात बिना किसी के कारण भी समझाइये,हो सकता है आपके समझाने से किसी का परिवार बच जाए,हमारी गति नियंत्रण हमारे लिये इस लिये जरूरी है कियूं कि हमे नहीं पता कि हमसे आगे जा रहा वाहन कब गलत दिशा में मोड़ दे अथवा हमारे सामने से आ रहा वाहन चालक कहीं नींद में तो नहीं है या मोबाइल से बात करने में तो व्यस्त हैं,गलती कोई भी हो सकती है पर हमारी गतिनियंत्रण हमारे परिवार को बचा सकती है।
रजत गुप्ता (Director-Media & Marketing) की रिपोर्ट
आगरा में मंगलवार की सुबह भीषण हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक कार कंटेनर से टकरा गई। इससे कार में आग लग गई। हादसे में कार सवार पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। टक्कर के बाद कंटेनर में भी आग लग गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस इसके प्रयास कर रही है।
हादसा थाना खंदौली क्षेत्र में तड़के तकरीबन 4.30 बजे हुआ। कार आगरा से नोएडा की ओर जा रही था। यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन 160 के नजदीक आगे चल रहे कंटेनर से कार टकरा गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। एक्सप्रेसवे के बूथ के कर्मचारी ने पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक चालक कंटेनर छोड़कर भाग चुका था।
सूचना पाकर दमकल की गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंच गई। किसी तरह आग बुझाई गई। तब तक कार में सभी सवार लोगों की मौत हो चुकी थी। बताया गया है कि कंटेनर चालक ने कंटेनर को अचानक मोड़ दिया था। पीछे से आ रही कार तेज रफ्तार में थी। इससे कार अनियंत्रित होकर कंटेनर के डीजल टैंक से टकराई गई थी। हादसे के बाद कार सेंट्रल लॉक हो जाने के कारण उसमें सवार लोग दरवाजा नहीं खोल पाए।
सेंट्रल लॉक हो जाने के कारण नहीं खुला दरवाजा
कार में सवार लोगों को बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला। आग लगते कार आग का गोला बन गई, वहां मौजूद लोग भी उन्हें बचाने में बेबस थे। पुलिस का कहना है कि जिंदा जलने वालों में एक बच्चा, एक महिला और तीन पुरुष लग रहे हैं। शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। गाड़ी नंबर लखनऊ जिले का है। यह उन्नाव में पंजीकृत है। इसी के जरिये शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।


























