इस बार चार चुनाव होंगे एक साथ
28 नई नगर पंचायतें बनीं
विभोर पाराशर की रिपोर्ट
लखनऊ. यूपी में पंचायत चुनाव मार्च में हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में इसकी अधिसूचना जारी हो सकती है। प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य. क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे। वोटर लिस्ट, परिसीमन और आरक्षण लिस्ट पर काम अंतिम चरण में है। कई जिलों में वार्डों के आरक्षण की पहली लिस्ट आ चुकी है, अब इसमें आपत्तियां मांगी गई हैं।आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी।
प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का कार्यकाल क्रमश: 25 दिसंबर, 14 जनवरी और 18 मार्च को समाप्त हो रहा है। 25 दिसंबर को आधी रात से ग्राम पंचायतें भंग हो जाएंगी। कोविड-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं।
ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा।
शासन ने पंचायत चुनावों कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर रखी है। सरकार की मंशा मार्च में पंचायत चुनाव कराने की है। पिछली बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ हुए थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग से हुए थे। इस बार समय बचाने के लिए चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी है।
यानी, एक मतदाता को इस बार चार बैलेट पेपर पर मुहप लगानी होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर ग्राम प्रधान-ग्राम पंचायत सदस्य और बीडीसी-जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग-अलग बूथ बनाए जाएंगे। यानी, प्रत्येक बूथ में वोटर को दो बैलेट पेपर देकर भेजा जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों का आरक्षण फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछली बार क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों का आरक्षण चक्रानुक्रम में किया गया था जबकि ग्राम पंचायतों के आरक्षण की शून्य से शुरुआत हुई थी। इस बार आरक्षण का क्या फार्मूला होगा, यह जल्द ही तय हो जाएगा।
वार्डों का आरक्षण पूरा होने पर शासन इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को देगा। इसके बाद आयोग कभी भी चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। राज्य सरकार चार चरणों में चुनाव कराना चाहती है।
चारों चरण का मतदान मार्च में होगा। कोशिश है कि 31 मार्च तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पंचायतराज विभाग की अभी तक की तैयारियों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।
वार्डों का आरक्षण फरवरी के तीसरे सप्ताह तक
शासन ने पंचायत चुनाव मार्च में कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर रखी है। आरक्षण का फॉर्मूला जल्द तय हो जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों का आरक्षण फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछली बार क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों का आरक्षण चक्रानुक्रम में किया गया था। वहीं, ग्राम पंचायतों के आरक्षण की शून्य से शुरुआत हुई थी। इस बार आरक्षण का क्या फॉर्मूला होगा, यह जल्द ही तय हो जाएगा।
वार्डों का आरक्षण पूरा होने के बाद निर्वाचन आयोग कभी भी चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। राज्य सरकार की कोशिश है कि 31 मार्च तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पंचायतराज विभाग की अभी तक की तैयारियों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।
कोविड-19 के चलते पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं। ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा।
28 नई नगर पंचायतें बनाई गई
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि प्रदेश में 276 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 28 नई नगर पंचायतें बनाई गई हैं। 77 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 12 नगर पंचायतों का सीमा विस्तार किया गया है। इसके साथ 102 राजस्व गांवों को शामिल करते हुए नौ नगर पालिका परिषदों और नगर निगम गोरखपुर में एक और नगर निगम वाराणसी में नौ राजस्व गांवों को शामिल करते हुए सीमा विस्तार किया गया है। प्रदेश में अब निकायों की संख्या 735 हो गई है। इनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 518 नगर पंचायतें हो गई हैं। नए निकायों के गठन और विस्तार होने के बाद नगर में 905700 जनसंख्या और 57474 हेक्टर क्षेत्रफल की वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसर राष्ट्रीय स्तर पर 31.16 प्रतिशत शहरी क्षेत्र है। उत्तर प्रदेश राज्य में मात्र 22 फीसदी शहरी क्षेत्र है। इस हिसाब से यूपी काफी पीछे है। राज्य सरकार इसीलिए प्रदेश में शहरीकरण की वृद्धि पर ध्यान दे रही है।
इस बार चार चुनाव होंगे एक साथ:
पिछली बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ हुए थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग से हुए थे। इस बार समय बचाने के लिए चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी है। सूत्राें के अनुसार इस बार चुनाव चार चरण में हो सकता है। कोशिश है कि 31 मार्च तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। पंचायतराज विभाग की अभी तक की तैयारियों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है।





















