अर्पित शर्मा लखनऊ संवाददाता की रिपोर्ट
- हाइलाइट्स:
- समाजवादी पार्टी सरकार में कद्दावर मंत्री रहे आजम खां की पत्नी को मिली जमानत
- 10 महीने सीतापुर जेल में रहने के बाद एसपी विधायक तंजीन फातिमा हुईं रिहा
- रामपुर कोर्ट में चल रही 34 मामलों की सुनवाई, सभी मामलों में मिल गई जमानत
- आजम खां और बेटा अब्दुल्ला आजम अभी जेल में ही रहेंगे, उनको नहीं मिली बेल
सीतापुर
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला कारागार में पिछले 10 महीनों से बंद पूर्व मंत्री आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा को सोमवार शाम जेल से रिहा कर दिया गया। रामपुर की शहर विधायक तंजीन फातिमा अपने बेटे और पति के साथ इस साल 27 फरवरी से यहां बंद थीं। तंजीन फातिमा के ऊपर शत्रु संपत्ति समेत 34 मामलों में कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने अब सभी मामलों में उनकी जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि उनके पति आजम खां और बेटे अब्दुल्ला को अभी जेल में ही रहना होगा।
एसपी सांसद आजम खां ने पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट ने उन्हें रामपुर जेल भेज दिया था, लेकिन बाद में सुरक्षा के लिहाज से तीनों को सीतापुर जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया था। इस दौरान तंजीन फातिमा जिला कारागार में नहाने के दौरान पैर फिसलने से चोटिल भी हो गई थीं। 10 महीनों की जद्दोजहद के बाद तंजीन फातिमा को रामपुर कोर्ट ने जमानत दे दी और अन्य 34 मामलों में भी उन्हें राहत मिल गई है।वह अपने पति व छोटे बेटे के साथ जेल में 10 महीने रहीं. बुजुर्ग विधायक जेल के महिला बैरक में थीं. जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में फातिमा ने कहा कि मैं सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर थी. मेरी सत्य निष्ठा सरकारी अधिकारियों ने प्रमाणित की है. उन्होंने कहा कि मैं क्या अचानक क्रिमिनल हो गई.
सीतापुर जिला कारागार के अधीक्षक दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि तंजीन फातिमा को रिहा कर दिया है। अभी आजम खां और उनके बेटे को जेल में ही रहना होगा। जेल से रिहा अपनी मां को लेने के लिए रामपुर से उनका छोटा बेटा उमर अब्दुल्ला और बहू सिदरा खान सीतापुर जेल पहुंची थीं। बाहर निकलने के बाद तंजीन फातिमा ने मीडिया से कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। 60 साल तक उनके चरित्र पर कोई दाग नही लगा, लेकिन उसके बाद उन पर दर्जनों मुकदमें लाद दिए गए।10 महीने बाद मुझे कैद से रिहाई मिली है, क्योंकि न्यायपालिका ने मेरे साथ इंसाफ किया है. उन्होंने कहा कि जैसे न्यायपालिका से मुझे इंसाफ मिला है, वैसे ही आजम खान साहब को भी इंसाफ मिलेगा. पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि जेल में मुझे कोई सुविधा नहीं दी गई. आम कैदियों के तरह बैरक में रखा गया. फातिमा ने बताया कि रिहाई के समय आजम खान से कोई मुलाकात नहीं हुई.


























