स्वदेश केसरी व्यूरो
अटल जी के व्यक्तित्व से ओतप्रोत हुईं पोस्टर, कविता और निबंध प्रतियोगिताएं, एफओईसीएस के प्राचार्य प्रो. आरके द्विवेदी बोले, अटल जी से सीखें माफ़ करने की कला
खास बातें
पोस्टर प्रतियोगिता में मुस्कान बालियान रहीं प्रथम
कविता में एनीमेशन फर्स्ट ईयर के अपूर्व अव्वल
निबंध में बीटेक-सीएस के अभिषेक ने मारी बाजी
सत्ता को व्यक्ति केंद्रित से समाज केंद्रित में बदला
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग साइंसेज -एफओईसीएस में आयोजित तीन दिनी अटल महोत्सव के तहत वर्चुअली पोस्टर, कविता और निबंध प्रतियोगिताएं हुईं। पोस्टर प्रतियोगिता में मुस्कान बालियान, कविता प्रतियोगिता में अपूर्व मित्तल और निबंध प्रतियोगिता में अभिषेक सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इससे पूर्व एफओईसीएस के सभागार में निदेशक प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने अटल जी के फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए बोले, अटल बिहारी वाजपेयी की माफ करने की कला अनुकरणीय है। इस मौके पर अटल जी की ओजस्वी कविताएं और देशभक्ति से ओतप्रोत भाषण वीडियो के जरिए सुनाया और दिखाया गया। प्रो. द्विवेदी के अतिरिक्त डॉ. अजय उपाध्याय, श्री प्रियांक सिंघल और श्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अटल जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। पुष्पांजलि के वक्त एचओडी डॉ. एके सक्सेना, डॉ. शम्भू भारद्वाज, श्री विक्रम रैना, श्री मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में अपूर्व मित्तल-द्वितीय जबकि गिन्नी वार्ष्णेय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता प्रतियोगिता में अनु शिखा-द्वितीय जबकि अंजलि त्यागी और प्रथा शर्मा तृतीय पर रहीं। निबंध प्रतियोगिता में राहुल जैन और शिवम सक्सेना- द्वितीय जबकि शिवांश दुबे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन प्रतियोगिताओं के एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर्स- श्री ज्योति रंजन लाभ, सुश्री इंदु त्रिपाठी, श्रीमती इंद्रजीत जीते रहे। अटल महोत्सव के शुभारम्भ मौके पर निदेशक प्रो. द्विवेदी बोले, भारत रत्न अटल जी में राष्ट्र प्रेम, मानव उत्थान एवं विश्व कल्याण की भावना, जनसेवा आदि गुण बेमिसाल थे। अपनी आलोचना को भी बेहिचक स्वीकार करते थे, इसीलिए सभी दलों में वह सर्वप्रिय थे। सटीक निर्णय, दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प के सब कायल थे। डॉ. अजय उपाध्याय अटल जी की खूबी का बखान करते हुए बोले, उन्होंने सत्ता को व्यक्ति केंद्रित से समाज केंद्रित में बदला। श्री प्रियांक सिंघल बोले, उनकी ओजस्वी कविताएं देशप्रेम से ओतप्रोत हैं। मौजूदा वक्त में उनके विचारों को आत्मसात करने की दरकार है। श्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने संस्मरण सुनाते हुए कहा, वह अटल जी के सुशासन के कायल हैं। इस मौके पर प्रो. द्विवेदी समेत सभी वक्ताओं ने अटल जी की कविताओं का काव्य पाठ भी किया। इस मौके पर अटल महोत्सव की कोऑर्डिनेटर डॉ. ज़रीन फारूक, डॉ. संदीप वर्मा , डॉ. मेघा शर्मा, डॉ. गरिमा गोस्वामी, श्री मो. सलीम, सुश्री नेहा आन्नद, श्रीमती शिखा गंभीर आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. सोनिया जयंत ने किया।


























