विकास माहेश्वरी की रिपोर्ट
इंजीनियर की नौकरी जाने पर मनरेगा मजदूर बने ओडिशा के युवक को डीएम ने दी नौकरी।
बलांगीर (ओड़िशा) के जिलाधिकारी चंचल राणा ने एक युवक को सरकारी दफ्तर में अस्थाई नौकरी दी है जो लॉकडाउन में इंजीनियर की नौकरी जाने के बाद बतौर मनरेगा मजदूर ₹ 207 की दिहाड़ी पर काम कर रहा था। अनंत बेरिया नामक युवक की बतौर इंजीनियर ₹ 15,000/माह सैलरी थी। बकौल राणा,”मैने युवक… को नहर खोदते देखा… यह मेरे लिए चिंताजनक बात थी”।


























