तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक कॉलेज और एफओईसीएस में भगवान विश्वकर्मा की पूजा हुई। भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पकार और वास्तुकार थे। इस दिन उद्योग और फैक्ट्रियों की मशीनों समेत सभी प्रकार की मशीनरी पूजी जाती है।

मान्यताओं की मानें तो भगवान विश्वकर्मा ही ऐसे देवता हैं, जो हर काल में सृजन के देवता रहे हैं। सम्पूर्ण सृष्टि में जो भी चीजें सृजनात्मक हैं, जिनसे जीवन संचालित होता है, वे सब भगवान विश्वकर्मा की ही देन हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज में पूजा का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ. अमित शर्मा के सानिध्य में हुआ। पूजा विधिवत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। इस मौके पर एफओईसीएस के निदेशक प्रो. आरके द्विवेदी की भी गरिमाई मौजूदगी रही। इनके अलावा असिस्टेंट रजिस्ट्रार श्री हिरेन्द्र कुमार, श्री पुनीत अग्रवाल, श्री दिनेश यादव, श्री रवि कुमार, डॉ. अनुज अग्रवाल, श्री वीएस रावत, श्री टीडी सक्सैना, डॉ. अमित शुक्ला, श्रीमती विधि गोयल, श्री शशांक मिश्रा जबकि कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग की ओर से श्री सुनील कुमार, श्री अरुण कुमार, श्री केबी आनंद आदि उपस्थित रहे। एफओईसीएस में भी भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से पूजा की गई।

























